सचिन पायलट का राजस्थान बजट पर हमला: "नौजवानों-किसानों को धोखा, 35-40 हजार करोड़ कर्ज कैसे बढ़ा?"
सचिन पायलट का राजस्थान बजट पर तीखा हमला। नौजवानों-किसानों को धोखा, 35-40 हजार Cr कर्ज, महंगाई पर चुप्पी। "राजा-प्रजा भाषा" पर तंज। पूरा बयान।
सचिन पायलट का भजनलाल सरकार पर जोरदार हमला: "बजट ने जनता की उम्मीदें चूर-चूर कर दीं"
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में वित्त मंत्री दीया कुमारी द्वारा पेश किए गए बजट पर कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने तीखा प्रहार किया है। उन्होंने इसे जनविरोधी बताते हुए कहा कि नौजवानों और किसानों को इसमें एक कदम भी आगे नहीं बढ़ाया गया। जनता की सारी उम्मीदें इस लंबे भाषण से धराशायी हो गईं।
पायलट का सवाल: कर्ज 35-40 हजार करोड़ कैसे बढ़ा

सचिन पायलट ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर सवाल ठोक दिया। उनका कहना था कि जब सरकार पर 35 से 40 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज चढ़ गया है, तो वित्त प्रबंधन को अच्छा कैसे कह सकते हैं। दीया कुमारी ने भाषण में अर्थव्यवस्था मजबूत होने का दावा किया लेकिन पायलट ने इसे खोखला बता दिया।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार होने के बावजूद कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। पिछले दो सालों में निवेश के बड़े-बड़े दावे किए गए लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। सरकारी खजाने पर दबाव बढ़ने से भविष्य की योजनाएं खतरे में पड़ सकती हैं। पायलट ने चेतावनी दी कि ये कर्ज आने वाली पीढ़ियों का गला घोंट देगा।
नौजवान और किसान उपेक्षित: कोई ठोस राहत नहीं
पायलट ने सबसे ज्यादा निशाना साधा नौजवानों और किसानों पर। कहा कि बजट में युवाओं के लिए 30 हजार को ब्याज मुक्त लोन का ऐलान हुआ लेकिन सरकारी भर्ती का कोई ठोस प्लान नहीं। लाखों युवा दो साल से REET, Patwari, शिक्षक भर्ती के इंतजार में सड़कों पर हैं। पेपर लीक का दर्द खत्म नहीं हुआ और नई टेस्टिंग एजेंसी का नाम ले लिया।
किसानों की हालत पर पायलट ने कटाक्ष किया। 1.19 लाख करोड़ का कृषि बजट दिखाया लेकिन MSP पर गेहूं-बाजरा की खरीद का कोई ऐलान नहीं। कर्ज माफी का नामोनिशान नहीं। छोटे सिंचाई प्रोजेक्ट तो ठीक लेकिन शेखावाटी जैसी बड़ी योजनाएं सालों बाद फलेंगी। झींगा पालन सस्ती बिजली का फायदा किसको मिलेगा जब किसान पहले ही कर्ज के जाल में फंसे हैं। पायलट बोले, ये घोषणाएं हवा में उड़ गईं।
महिलाओं और गृहणियों को धोखा: सिर्फ खानापूर्ति
महिलाओं को लखपति दीदी योजना में कर्ज सीमा 1 से 1.5 लाख करने का दावा किया गया। पायलट ने इसे छलावा बताया। कहा कि ग्रामीण महिलाओं को पहले ही SHG लोन के ब्याज का बोझ है। राजसखी स्टोर और मिनी ई-मित्र का नाम लिया लेकिन ट्रेनिंग और मार्केटिंग का क्या। आंगनबाड़ी पर बिजली कनेक्शन अच्छा लेकिन कर्मचारियों का वेतन कब बढ़ेगा।
गृहणियों के लिए अमृत पोषक वाटिकाएं बताईं लेकिन बीज-खाद का इंतजाम कौन करेगा। पायलट ने कहा कि सत्ताधारी विधायकों को भी ये बजट पसंद नहीं आया। सबकी उम्मीदें टूट गईं। ये सिर्फ आंकड़ों का खेल है।
महंगाई पर एक शब्द नहीं: डबल इंजन की हकीकत
सबसे बड़ा सवाल महंगाई पर। पायलट ने कहा कि बजट भाषण में महंगाई कम करने को एक लाइन भी नहीं। सब्जी, दाल, तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। गैस सिलेंडर 1200 के पार। पेट्रोल-डीजल पर VAT कटौती का नाम नहीं। डबल इंजन सरकार का दावा करते हैं लेकिन केंद्र-राज्य मिलकर जनता को राहत क्यों नहीं दे रहे।
पायलट ने जनता से अपील की कि ये बजट सिर्फ कागजों का है। असली फायदा कब मिलेगा ये आने वाले महीनों में पता चलेगा।
राजा-प्रजा वाली भाषा पर तंज

पीएम मोदी के 'प्रधान सेवक' बयान का जिक्र करते हुए पायलट ने कहा कि यहां राजा-प्रजा की भाषा चल रही है। लोकतंत्र में कोई राजा नहीं होता। दीया कुमारी का राजपरिवार बैकग्राउंड ठीक है लेकिन सरकार राजसी ठाठ नहीं चला सकती। सेवक बने रहें।
पायलट ने कहा कि भजनलाल सरकार को दो साल हो गए। कानून व्यवस्था सुधरी ये मानते हैं लेकिन विकास के नाम पर खोखले दावे। BJP विधायक भी असंतुष्ट हैं। 2028 चुनाव में जनता जवाब देगी।
कांग्रेस की रणनीति: सड़क से सदन तक संघर्ष
सचिन पायलट ने साथी विधायकों से कहा कि हम सदन में बहस करेंगे। बाहर जनता के बीच जाएंगे। किसान-युवा सम्मेलन होंगे। गहलोत गुट से मतभेद भूलकर एकजुट होकर लड़ेंगे। पायलट ने कहा कि राजस्थान की जनता समझदार है। घोषणाओं के जाल में नहीं फंसेंगी।
जनता की प्रतिक्रिया: सड़क पर गूंज
जयपुर के एक किसान ने कहा कि MSP का वादा दो साल से अधर में है। बजट में फिर वही पुरानी बातें। युवा मोहित बोले भर्ती कैलेंडर कब आएगा। LDC भर्ती रुकी हुई। महिला रेखा ने कहा कि ई-मित्र खोलना चाहती हूं लेकिन मार्केट कहां।
BJP समर्थक विधायक का कहना है कि अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। पायलट राजनीति कर रहे। लेकिन ग्रामीण इलाकों में असंतोष साफ दिख रहा।
भजनलाल सरकार का जवाब क्या

भजनलाल शर्मा सरकार ने पायलट के बयान पर अभी चुप्पी साधी है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कांग्रेस हमेशा नकारात्मक रहती है। आंकड़े झूठ नहीं बोलते। अर्थव्यवस्था 41 प्रतिशत बढ़ी। पायलट बहाने बना रहे।
दीया कुमारी ने बजट पेश करने के बाद कहा कि ये विकसित राजस्थान का रोडमैप है। सभी वर्ग लाभान्वित होंगे। समय आने पर परिणाम दिखेंगे।
आगे क्या होगा
सचिन पायलट का हमला भजनलाल सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ाएगा। विधानसभा में बहस तेज होगी। कांग्रेस सड़क पर उतरेगी। BJP इसे विकास के खिलाफ षड्यंत्र बताएगी। 2028 चुनाव से पहले ये बजट रिपोर्ट कार्ड बनेगा।
जनता देख रही है। घोषणाएं लागू हुईं तो भजनलाल मजबूत। न हुईं तो पायलट का PDA फॉर्मूला काम करेगा। राजस्थान की सियासत में नया दौर शुरू। क्या कहते हैं आप।
Hindu Solanki 
