राजस्थान में हाईवे टोल विवाद : बजट में 'टोल फ्री' घोषणा को लेकर विधानसभा में गरमाई बहस

राजस्थान विधानसभा में स्टेट हाईवे टोल फ्री की मांग। BJP विधायक बहादुर कोली का धमाका। दीया कुमारी ने ठुकराया। रख-रखाव का तर्क। अगले हफ्ते ऐलान संभव। पूरा विवाद।

राजस्थान में हाईवे टोल विवाद : बजट में 'टोल फ्री' घोषणा को लेकर विधानसभा में गरमाई बहस

जयपुर : राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र 2026 - 27 के दौरान राज्य के हाईवे टोल को लेकर प्रमुख बहस जारी है। जिसमे सरकार और विपक्ष के बीच मतभेद उभर कर सामने आ रहे है। खासकर स्टेट हाईवे पर वाहन चालकों के लिए टोल फ्री करने का टोल नीति में बदलाव को लेकर ध्यान केंद्रित किया गया है।

विधानसभा में भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली ने राज्य सरकार से मांग की है की राजस्थान के स्टेट हाईवे पर सभी टोल फ्री किये जाए, क्योंकि वर्त्तमान टोल सिस्टम को जनता के लिए भरी बोझ बताया जा रहा है। इसके पीछे उनका तर्क है की इससे रोज-मर्रा की यात्रा लागत काम होगी और छोटे व्यवसायियों तथा किसानो को थोड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।

वहीं सरकार और वित्त मंत्री दिया कुमारी ने स्पष्ट किया है की फ़िलहाल स्टेट हाईवे को पूर्ण रूप से टोल मुक्त करने का प्रस्ताव लागू नहीं किया जायेगा। उनका कहना है की टोल राजस्व राज्य के बुनियादी ढांचे के रख - रखाव और सड़क विकास पर खर्च होता है, इसलिए इसे हटाना संभव नहीं है। इसके अलावा उन्होंने अगले हफ्ते संभावित घोषणाओं या नीति परिवर्तन के संकेत भी दिए है, जिससे आगे की रणनीति तय होगी। 

राजस्थान में टोल टैक्स की वसूली को लेकर पहले भी विवाद रहा है, जिसमें निजी वाहनों पर टोल टैक्स लागू होने तथा कई स्थानों पर हाईवे टोल बूथों की संख्या बढ़ने पर सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव बढ़ा है। विपक्ष इसे जनहित का मुद्दा मानते हुए टोल हटाने, संशोधन या राहत देने की मांग कर रहा है।

राजस्थान सरकार ने फिलहाल पूर्ण टोल मुक्त नीति लागू नहीं की है और विधानसभा बहस के दौरान टोल नीति में सुधार, FASTag आधारित वसूली व शिकायत निवारण (toll-free helpline) जैसे कदमों पर भी चर्चा चल रही है। अगले सप्ताह दीया कुमारी से इस विषय पर अधिक स्पष्ट घोषणा या दिशा-निर्देश आने की संभावना है, जो सड़क परिवहन और आम जनता पर प्रभाव डालेगी।