लाडो प्रोत्साहन योजना : 1 जुलाई से 'शाला दर्पण' पर नया सिस्टम, बेटियों को मिलेंगे 1.50 लाख

राजस्थान सरकार ने लाडो प्रोत्साहन योजना को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। 1 जुलाई 2026 से शाला दर्पण पोर्टल के जरिए पहली दो बेटियों को जन्म से स्नातक तक 7 किस्तों में ₹1.50 लाख की सहायता राशि मिलेगी।

लाडो प्रोत्साहन योजना : 1 जुलाई से 'शाला दर्पण' पर नया सिस्टम, बेटियों को मिलेंगे 1.50 लाख
Lado Protsahan Yojana

राजस्थान सरकार ने अपनी फ्लैगशिप 'लाडो प्रोत्साहन योजना' को पूरी तरह हाईटेक और पारदर्शी बनाने का फैसला किया है। आगामी 1 जुलाई 2026 से योजना का पूरा काम 'शाला दर्पण' पोर्टल के नए मॉड्यूल से ऑनलाइन संचालित होगा। सरकार ने सहायता राशि को बढ़ाकर 1.50 लाख रुपए कर दिया है, जो राजस्थान के मूल निवासी परिवारों की पहली दो बेटियों को जन्म से स्नातक तक 7 किस्तों में मिलेगी। कक्षा 1 से 8वीं तक प्रारंभिक शिक्षा और 9वीं से 12वीं तक माध्यमिक शिक्षा विभाग के जिला अधिकारी सीधे बैंक खातों में राशि भेजेंगे। 

शिक्षा विभाग को मिली कमान, शाला दर्पण पर लाइव होगा नया मॉड्यूल -

प्रारंभिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार अब योजना की मॉनिटरिंग और राशि हस्तांतरण की कमान सीधे शिक्षा विभाग के पास होगी। 1 जुलाई से शाला दर्पण पोर्टल पर 'लाडो प्रोत्साहन योजना' का विशेष मॉड्यूल शुरू किया जा रहा है। इसके तहत कक्षा 1 से 8वीं तक की पात्र बालिकाओं को 'जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा)' और कक्षा 9 से 12वीं तक की छात्राओं को 'जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक शिक्षा)' के माध्यम से सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए राशि बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी बल्कि आवेदनों का निस्तारण भी तेजी से होगा।

जन्म से लेकर कॉलेज की पढ़ाई तक, 7 किस्तों में मिलेगा लाभ -

पहली किस्त (2500) : बालिका के संस्थागत (अस्पताल में) जन्म होने पर।

दूसरी किस्त (2500) : एक वर्ष की आयु पूर्ण होने और सभी आवश्यक टीके (टीकाकरण) लगने पर।

तीसरी किस्त (4000) : राजकीय या मान्यता प्राप्त विद्यालय की कक्षा 1 में प्रवेश लेने पर।

चौथी किस्त (5000) : कक्षा 6 में प्रवेश लेने पर।

पांचवीं किस्त (11000) : कक्षा 10 में प्रवेश लेने पर।

छठी किस्त (25000) : कक्षा 12 में प्रवेश लेने पर।

सातवीं किस्त (1,000,00) : किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज से स्नातक उत्तीर्ण करने और 21 वर्ष की आयु पूरी करने पर।

केवल दो बेटियों तक सीमित, जन आधार होना अनिवार्य -

इस योजना का लाभ उठाने के लिए परिवार का राजस्थान का मूल निवासी होना अनिवार्य है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह लाभ केवल परिवार की पहली दो जीवित बेटियों के जन्म पर ही देय होगा। योजना का लाभ सीधे खाते में प्राप्त करने के लिए लाभार्थी परिवार के पास अपडेटेड 'जन आधार कार्ड' होना आवश्यक है, जिससे बालिका का स्कूल डेटा और बैंक खाता लिंक रहेगा। सरकार के इस कदम से राज्य में बालिकाओं के ड्रॉपआउट रेट (बीच में पढ़ाई छोड़ना) में भारी कमी आने की उम्मीद है।

पेंडिंग आवेदनों का 1 जुलाई से पहले होगा निपटारा -

निदेशक ने निर्देश दिए हैं कि वर्तमान में आईडी पर जितने भी आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, उनकी भुगतान स्वीकृतियां आगामी 1 जुलाई से पहले हर हाल में जारी कर दी जाएं, ताकि लाभार्थियों के खातों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से राशि ट्रांसफर की जा सके। जिन आवेदनों में कोई त्रुटि या कमी है, उन्हें भी 1 जुलाई से पहले सुधार के लिए रिवर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।