TMC को बड़ा झटका! राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने दिया इस्तीफा, BJP में शामिल होने की अटकलें तेज
तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात के बाद उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी से भी दूरी बना ली है। सुष्मिता देव को मुख्यमंत्री Mamata Banerjee का करीबी माना जाता रहा है, ऐसे में उनके इस कदम को टीएमसी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
असम CM से मुलाकात के बाद बढ़ीं अटकलें
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सुष्मिता देव ने हाल ही में Himanta Biswa Sarma से मुलाकात की है। इसके बाद उनके भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा उन्हें असम से राज्यसभा भेजने पर भी विचार कर सकती है।
कांग्रेस से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
असम के सिलचर की रहने वाली सुष्मिता देव ने अपना राजनीतिक करियर कांग्रेस से शुरू किया था। वह 2014 में सिलचर लोकसभा सीट से सांसद चुनी गई थीं। कांग्रेस ने उन्हें महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी सौंपी थी। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Santosh Mohan Dev की बेटी हैं।
2021 में कांग्रेस छोड़कर TMC में हुई थीं शामिल
साल 2021 में सुष्मिता देव ने कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा था। पार्टी में शामिल होने के कुछ समय बाद ही ममता बनर्जी ने उन्हें राज्यसभा भेजा था। राज्यसभा में रहते हुए वह कई संसदीय समितियों का हिस्सा रहीं और महिला मुद्दों पर मुखर आवाज उठाती रही हैं।
TMC में लगातार बढ़ रही अंदरूनी चुनौतियां
सुष्मिता देव का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब टीएमसी पहले से ही संगठनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही है। इससे पहले भी पार्टी के कुछ नेताओं और सांसदों द्वारा असंतोष जताए जाने की खबरें सामने आती रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर आने वाले समय में पार्टी की रणनीति पर पड़ सकता है।
राज्यसभा में TMC की संख्या पर असर
सुष्मिता देव के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में टीएमसी की संख्या घटने की चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक हलकों में अब सबकी नजर इस बात पर है कि उनका अगला कदम क्या होगा और क्या वे वास्तव में भाजपा में शामिल होती हैं या कोई नया राजनीतिक रास्ता चुनती हैं।
Saloni Kushwaha 
