जोधपुर में फैक्ट्रियों पर संकट, 50 हजार से ज्यादा बेरोजगार, लोडिंग गाड़ियों से कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

जोजरी नदी में दूषित कैमिकल युक्त पानी पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्ती दिखाई, जिसका असर जोधपुर में दिखा. 50 के करीब फैक्ट्री बंद रही तो मजदूरों के सामने बड़ा संकट आ गया।

जोधपुर में फैक्ट्रियों पर संकट, 50 हजार से ज्यादा बेरोजगार, लोडिंग गाड़ियों से कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन

सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश ने जोधपुर में जनता के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है, दरअसल फैक्ट्रियों से निकलने वाले कैमिकल वाले पानी से जोजरी नदी समेत कई नदियां दूषित हो रही थी। 

जोधपुर में पांच दिन पहले बंद की हुई फैक्ट्रियों के विरोध में मजदूर सड़कों पर उतर गए, साथ ही सुपरवाइजरों ने विरोध-प्रदर्शन किया। बासनी इंडस्ट्री एरिया में बड़ी संख्या में मजदूर इक्ट्‌ठा हुए और नारेबाजी की।

फैक्ट्री संचालकों का कहना था कि करीब 306 फैक्ट्रियां बंद होने से श्रमिकों पर सबसे बड़ा असर देखने को मिला है। करीब 50 हजार से ज्यादा श्रमिक बेरोजगार हो गए है। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर अलोक रंजन से मुलाकात की। इस दौरान पुलिस जाब्ता भी तैनात रहा। कलेक्ट्रेट में सभी लोगों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा



सुप्रीम कोर्ट सख्त, FIR और SIT पर जोर
जोजरी नदी प्रदूषण का मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है, अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने और एसआईटी गठित करने के निर्देश देकर यह साफ कर दिया कि मामला अब केवल प्रशासनिक स्तर का नहीं माना जा रहा. कोर्ट चाहता है कि पूरे मामले की गहराई से जांच हो और यह पता लगाया जाए कि प्रदूषण फैलने के पीछे किन अधिकारियों या जिम्मेदार लोगों की भूमिका रही.

साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि जिन अधिकारियों ने अपने काम में लापरवाही की, उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए. कोर्ट ने डीजीपी से एक्शन टेकन रिपोर्ट भी मांगी है. यानी अब राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को अदालत के सामने पूरी जानकारी रखनी होगी कि अब तक क्या कार्रवाई हुई और आगे क्या कदम उठाए जा रहे हैं.


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