Maruti Suzuki WagonR Flex Fuel launche: अब पेट्रोल नहीं, इथेनॉल से दौड़ेगी WagonR! मारुति ने कर दिया बड़ा खेल, जानकर चौंक जाएंगे

मारुति सुजुकी ने भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल हैचबैक WagonR FFV पेश की है, जो E20 से E85 तक इथेनॉल मिश्रित ईंधन पर चल सकती है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसे स्वच्छ ईंधन और प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम बताया। जानें फीचर्स, तकनीक और इसकी खास बातें।

Maruti Suzuki WagonR Flex Fuel launche: अब पेट्रोल नहीं, इथेनॉल से दौड़ेगी WagonR! मारुति ने कर दिया बड़ा खेल, जानकर चौंक जाएंगे

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी ने अपनी लोकप्रिय हैचबैक WagonR Flex Fuel (FFV) को पेश कर दिया है। यह भारत की पहली ऐसी पैसेंजर कार है, जो E20 से लेकर E85 तक के इथेनॉल मिश्रित ईंधन पर चल सकती है। कंपनी का दावा है कि भविष्य में यह तकनीक 100% इथेनॉल पर चलने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

E20 से E85 तक के ईंधन पर चलेगी कार

नई WagonR FFV को खासतौर पर इथेनॉल आधारित ईंधन के लिए तैयार किया गया है। हालांकि इसका बाहरी डिजाइन मौजूदा वैगनआर जैसा ही रखा गया है, लेकिन इंजन और फ्यूल सिस्टम में बड़े बदलाव किए गए हैं ताकि यह उच्च इथेनॉल मिश्रण को आसानी से सपोर्ट कर सके।

प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद

लॉन्च कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari ने कहा कि फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के बढ़ते उपयोग से देश में वायु प्रदूषण कम करने में बड़ी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि सरकार पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने के लिए वाहन स्क्रैपेज नीति को भी मजबूत बना रही है।

पुरानी गाड़ियों को भी फ्लेक्स-फ्यूल में बदलने की अपील

गडकरी ने Maruti Suzuki और Hero MotoCorp जैसी कंपनियों से पुरानी गाड़ियों को फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक में बदलने के लिए समाधान विकसित करने की अपील की। उनका मानना है कि इससे करोड़ों पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

ग्रीन व्हीकल्स में मारुति की मजबूत हिस्सेदारी

मारुति सुजुकी के वरिष्ठ अधिकारी पार्थो बनर्जी के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में देश में बिकने वाले कुल ग्रीन वाहनों में लगभग 50 प्रतिशत हिस्सेदारी कंपनी की रही है। कंपनी लगातार सीएनजी, हाइब्रिड और फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक पर काम कर रही है।

डीजल के विकल्प और SAF को बढ़ावा

कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार डीजल में 15% Isobutanol ब्लेंडिंग की संभावना पर विचार कर रही है। वहीं, पर्यावरण-अनुकूल Sustainable Aviation Fuel (SAF) को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 करोड़ का फंड भी आवंटित किया गया है। सरकार का लक्ष्य परिवहन क्षेत्र में स्वच्छ और टिकाऊ ईंधन को बढ़ावा देना है।