जौहर यूनिवर्सिटी विवाद: ओवैसी का यूपी सरकार पर हमला, बोले- ‘छात्रों की शिक्षा से नहीं होना चाहिए खिलवाड़’

जौहर यूनिवर्सिटी विवाद पर असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले 3 हजार छात्रों के भविष्य और शिक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

जौहर यूनिवर्सिटी विवाद: ओवैसी का यूपी सरकार पर हमला, बोले- ‘छात्रों की शिक्षा से नहीं होना चाहिए खिलवाड़’
Asadduin owaisi

जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर जारी विवाद के बीच AIMIM प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि विश्वविद्यालय के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाती है तो इसका सबसे बड़ा नुकसान वहां पढ़ने वाले हजारों छात्रों को उठाना पड़ेगा।

सहारनपुर दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी का मामला केवल एक संस्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़ा अहम मुद्दा है। उनका कहना था कि किसी भी प्रशासनिक या कानूनी विवाद का समाधान कानून के दायरे में किया जाना चाहिए, लेकिन छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

ओवैसी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिम आबादी लगभग 19 से 20 प्रतिशत है, लेकिन उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बेहद सीमित है। उन्होंने कहा कि राज्य में स्नातक स्तर तक पहुंचने वाले मुस्लिम छात्रों का प्रतिशत काफी कम है और समुदाय की साक्षरता दर भी संतोषजनक नहीं है। उनके मुताबिक मुस्लिम महिलाओं की शिक्षा की स्थिति और भी अधिक चिंताजनक है।

AIMIM प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मुस्लिम समाज की शिक्षा को बढ़ावा देने के बजाय शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी में करीब तीन हजार छात्र पढ़ाई कर रहे हैं और किसी भी कार्रवाई से पहले उनके भविष्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

ओवैसी ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की सबसे मजबूत नींव होती है। सरकारों की जिम्मेदारी शैक्षणिक संस्थानों को मजबूत करने की है, न कि ऐसे फैसले लेने की जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़े।

अपने संबोधन के दौरान उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का भी उल्लेख किया। ओवैसी ने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों की भूमिका केवल औपचारिक बयान देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें जनता के अधिकारों और शिक्षा जैसे अहम मुद्दों पर प्रभावी ढंग से आवाज उठानी चाहिए।