पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा, जयपुर में पेट्रोल ₹108 के पार; महंगाई बढ़ने की आशंका

देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हुई है। जयपुर में पेट्रोल 108.91 रुपये और डीजल 94.14 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव का असर ईंधन दरों पर दिख रहा है।

पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा, जयपुर में पेट्रोल ₹108 के पार; महंगाई बढ़ने की आशंका

देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें मंगलवार सुबह से लागू हो गई हैं। तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में करीब 94 पैसे प्रति लीटर और डीजल में करीब 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है।

जयपुर में नए रेट

Jaipur में कीमत बढ़ने के बाद:

पेट्रोल: 108.91 रुपये प्रति लीटर

डीजल: 94.14 रुपये प्रति लीटर

हो गया है।

वहीं Sri Ganganagar और Hanumangarh में पेट्रोल करीब 110.40 रुपये और डीजल करीब 95.65 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है।

15 मई को भी बढ़े थे दाम

इससे पहले 15 मई को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार दूसरी बार हुए इजाफे से आम लोगों की चिंता बढ़ गई है।

क्यों बढ़ रहे हैं पेट्रोल-डीजल के दाम?

विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इसकी बड़ी वजह है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण क्रूड ऑयल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।

कच्चे तेल की महंगाई के चलते तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। कंपनियां घाटे की भरपाई के लिए पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा रही हैं। अगर वैश्विक बाजार में यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में और बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है।

कैसे तय होती है पेट्रोल-डीजल की कीमत?

भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। पेट्रोल-डीजल की अंतिम कीमत में कई स्तरों पर खर्च और टैक्स जुड़ते हैं:

कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमत

रिफाइनिंग और ट्रांसपोर्ट लागत

तेल कंपनियों का मार्जिन

केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी

राज्य सरकार का वैट और अन्य टैक्स

इन्हीं सभी कारणों से बेस प्राइस की तुलना में उपभोक्ताओं तक पहुंचते-पहुंचते ईंधन की कीमत कई गुना बढ़ जाती है।

बढ़ सकती है महंगाई

ट्रांसपोर्ट सेक्टर से जुड़े कारोबारियों का मानना है कि अगर मध्य पूर्व में तनाव जारी रहा तो पेट्रोल-डीजल और महंगे हो सकते हैं। इसका असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा।

महंगे ईंधन का असर:

फल-सब्जियों की कीमत

ऑनलाइन डिलीवरी

निर्माण सामग्री

ट्रांसपोर्ट खर्च