170 दिन बाद जेल से रिहा हुए सोनम वांगचुक, केंद्र ने हटाया NSA
लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को 170 दिन बाद जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ लगाया गया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून हटाने का फैसला लिया।
लद्दाख के प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक Sonam Wangchuk को शनिवार दोपहर Jodhpur Central Jail से रिहा कर दिया गया। करीब 170 दिनों तक हिरासत में रहने के बाद केंद्र सरकार ने उनके खिलाफ लगाया गया राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) तत्काल प्रभाव से हटा दिया।
लद्दाख में हिंसा के बाद हुई थी गिरफ्तारी
Sonam Wangchuk को 24 सितंबर 2025 को लद्दाख प्रशासन ने हिरासत में लिया था। इसके दो दिन बाद उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया। उन पर आरोप था कि लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा भड़काने में उनकी भूमिका रही, जिसमें चार लोगों की मौत और 150 से अधिक लोग घायल हुए थे।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले सरकार का फैसला
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब उनकी पत्नी गीतांजलि द्वारा दायर याचिका पर 17 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित थी। गृह मंत्रालय के अनुसार लद्दाख में शांति और आपसी विश्वास का माहौल बनाए रखने के लिए उनकी हिरासत समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने यह भी कहा कि लद्दाख से जुड़े मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए वह प्रतिबद्ध है।
रिहाई से पहले सोशल मीडिया पर दिया संदेश
रिहाई से पहले सोशल मीडिया पर साझा किए गए संदेश में Sonam Wangchuk ने कहा कि वह अपने उद्देश्य से पीछे नहीं हटे हैं। उनके अनुसार लद्दाख की सुरक्षा, सम्मान और भविष्य के लिए उनका प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
लद्दाख में नई बातचीत की उम्मीद
उनकी रिहाई को लद्दाख में एक अहम घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है। कई विश्लेषकों का मानना है कि अब केंद्र सरकार उच्च स्तरीय समिति के माध्यम से क्षेत्र के नेताओं के साथ नई बातचीत शुरू कर सकती है, जिससे लंबे समय से चल रहे विरोध और आंदोलन का समाधान निकल सके।
Saloni Kushwaha 
