विज्ञापनों से नेहरू के बराबर कद नहीं होता, राहुल गांधी की दूरदर्शिता आज सच साबित हुई: गहलोत

बीजेपी 12 साल का जश्न मना रही है, तो राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने निशाना साधा है।

विज्ञापनों से नेहरू के बराबर कद नहीं होता, राहुल गांधी की दूरदर्शिता आज सच साबित हुई: गहलोत

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केवल विज्ञापनों और सरकारी प्रचार के जरिए किसी नेता का कद देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के बराबर नहीं किया जा सकता। गहलोत ने दावा किया कि राहुल गांधी की दूरदर्शिता और राजनीतिक सोच को लेकर जो बातें उन्होंने एक दशक पहले कही थीं, वे आज सच साबित हो रही हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल से जुड़े सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार पूरे देश में बड़े पैमाने पर विज्ञापन अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अपने कार्यकाल को ऐतिहासिक बताने का प्रयास कर रही है, लेकिन देश को यह भी देखना चाहिए कि इन 12 वर्षों में वास्तविक उपलब्धियां क्या रही हैं।

गहलोत ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू के योगदान को कमतर दिखाने और उनकी छवि खराब करने के लिए वर्षों से प्रयास किए गए। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग आज नेहरू की तुलना कर रहे हैं, उन्होंने अपने शासनकाल के दौरान नेहरू के योगदान और विचारों को कितना सम्मान दिया। उनके अनुसार स्वतंत्र भारत के निर्माण में नेहरू की भूमिका को भुलाया नहीं जा सकता और किसी भी नेता का मूल्यांकन केवल प्रचार के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए।



राहुल गांधी को लेकर कही थी यह बात
पूर्व मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों में उन पर लगातार राजनीतिक हमले किए गए, लेकिन समय के साथ उनकी बातों और चिंताओं को देश समझने लगा है। गहलोत ने याद दिलाया कि लगभग 10-12 वर्ष पहले जयपुर के रामलीला मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि एक समय ऐसा आएगा जब राहुल गांधी जिन मुद्दों को उठा रहे हैं और जिन नीतियों की आलोचना कर रहे हैं, उनकी प्रासंगिकता देश के सामने स्पष्ट हो जाएगी। उन्होंने कहा कि उस समय भी उन्हें राहुल गांधी के व्यक्तित्व और सोच पर पूरा भरोसा था। गहलोत के अनुसार राहुल गांधी एक ईमानदार, निष्ठावान और देशहित के प्रति समर्पित नेता हैं, जिनकी प्राथमिकता गरीब, कमजोर और वंचित वर्गों का कल्याण है।


सामाजिक न्याय के एजेंडे की सराहना
अशोक गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी लगातार सामाजिक न्याय, सामाजिक सुरक्षा और समान अवसरों की बात करते रहे हैं। उन्होंने अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक समुदायों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाया है। गहलोत का कहना है कि यह एजेंडा किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि गहन सोच-विचार और समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने की दृष्टि से तैयार किया गया है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और अन्य जनसंपर्क अभियानों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने उनके विचारों और कार्यशैली को करीब से समझा। गहलोत के अनुसार यात्रा के बाद देश के कई हिस्सों में राहुल गांधी को लेकर लोगों की धारणा में बदलाव आया है और उनकी राजनीतिक सोच को अधिक गंभीरता से लिया जाने लगा है।

आलोचनाओं पर भी दिया जवाब
राहुल गांधी को लेकर होने वाली आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र में विभिन्न प्रकार की चर्चाएं और आलोचनाएं होती रहती हैं। हालांकि उनका मानना है कि समय के साथ लोगों ने राहुल गांधी के व्यक्तित्व और उनकी राजनीति को बेहतर तरीके से समझा है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कुछ लोग राजनीतिक कारणों से आलोचना करते रहेंगे और यह उनका स्वभाव है। देश की राजनीति में व्यक्तित्व निर्माण केवल प्रचार अभियानों से नहीं होता, बल्कि जनता के बीच विश्वास, विचारधारा और लंबे समय तक किए गए कार्यों से होता है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राहुल गांधी की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होकर उभरेगी।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर भाजपा देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों और प्रचार अभियानों के माध्यम से अपनी उपलब्धियां जनता तक पहुंचा रही है। वहीं कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार की नीतियों और दावों पर सवाल उठाते हुए जवाबी राजनीतिक अभियान चला रही है।

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