NEET पेपर लीक के विरोध में पटना में AISA का राजभवन मार्च, छात्रों पर आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल

पटना में NEET पेपर लीक मामले को लेकर AISA के राजभवन मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

NEET पेपर लीक के विरोध में पटना में AISA का राजभवन मार्च, छात्रों पर आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल

Patna NEET Protest: नीट पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बुधवार (22 जुलाई 2026) को पटना में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) का राजभवन (लोकभवन) मार्च उस समय उग्र हो गया, जब प्रदर्शनकारी छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन से पानी की बौछार की।

प्रदर्शन की शुरुआत सुबह गांधी मैदान से हुई, जहां से बड़ी संख्या में छात्र राजभवन की ओर मार्च कर रहे थे। पुलिस ने गांधी मैदान के पास बैरिकेडिंग कर छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसने देखते ही देखते तनावपूर्ण रूप ले लिया।

स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर डटे रहे और केंद्र सरकार तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे।

AISA का कहना है कि यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में आयोजित किया गया है। छात्र संगठन की मांग है कि नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।

इस दौरान प्रदर्शन स्थल पर मीडिया कर्मियों के साथ भी अभद्र व्यवहार की घटनाएं सामने आईं। कई पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की की गई। एबीपी न्यूज़ के संवाददाता आर्यन आनंद घायल हो गए, जबकि एक अन्य रिपोर्टर परमानंद के साथ भी बदसलूकी की गई। अन्य मीडिया संस्थानों के पत्रकारों के साथ भी धक्का-मुक्की की सूचना मिली है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उनका आरोप है कि सरकार इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने में विफल रही है। छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।