Rajasthan News: राजस्थान में भी बनेगी यूरोप जैसी सड़क! इतने करोड़ से तैयार होगा नया बाइपास, दर्जनों गांवों को मिलेगा फायदा
राजस्थान के दौसा जिले में नंदेरा-पीचूपाड़ा लिंक रोड का निर्माण करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से होगा। 8.5 किमी लंबी सड़क से बांदीकुई को बाइपास और ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
राजस्थान के दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र में जल्द ही सड़क कनेक्टिविटी को बड़ा विस्तार मिलने वाला है। नंदेरा-पीचूपाड़ा लिंक रोड के निर्माण से न केवल ग्रामीण इलाकों का आवागमन आसान होगा, बल्कि बांदीकुई शहर को ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए एक वैकल्पिक बाइपास मार्ग भी उपलब्ध हो सकेगा। करीब 8.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण पर लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने सड़क निर्माण की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है और निर्माण कंपनी को टेंडर जारी किया जा चुका है। अब वर्क ऑर्डर जारी करने की तैयारी चल रही है। माना जा रहा है कि अगले एक-दो दिन में कार्यादेश जारी हो सकता है।
8.5 किलोमीटर लंबी होगी सड़क
नंदेरा-पीचूपाड़ा लिंक रोड की लंबाई करीब 8.5 किलोमीटर होगी। सड़क पर करीब 7 मीटर चौड़ाई में डामरीकरण किया जाएगा और इसे डबल लेन के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना के तहत करीब 70 मीटर लंबा पुल भी बनाया जाएगा।
निर्माण कार्य को करीब 9 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सड़क बनने के बाद आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ बांदीकुई शहर के लिए वैकल्पिक यातायात मार्ग तैयार होगा।
बांदीकुई को मिलेगा बाइपास का विकल्प
नई लिंक रोड का सबसे बड़ा फायदा बांदीकुई शहर को मिलने की उम्मीद है। फिलहाल आसपास के क्षेत्रों से आने वाले वाहनों को शहर के मुख्य मार्गों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे कई जगहों पर यातायात दबाव और जाम की स्थिति बनती है।
नई सड़क तैयार होने के बाद वाहन शहर के अंदर जाने के बजाय वैकल्पिक मार्ग से आगे बढ़ सकेंगे। इससे बांदीकुई के मुख्य बाजार और प्रमुख सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम होने की संभावना है।
इन गांवों से होकर गुजरेगी सड़क
नंदेरा-पीचूपाड़ा लिंक रोड कई ग्रामीण क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगी। प्रस्तावित मार्ग नंदेरा से शुरू होकर अनन्तवाडा, हरिपुरा, भांडेड़ा, कांच की ढाणी, पामाड़ी, सुनगाड़ी, झंझा की ढाणी और आमली होते हुए पीचूपाड़ा तक पहुंचेगा।
इससे आसपास के दर्जनभर से अधिक गांवों के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
3 किलोमीटर सरकारी जमीन पर पहले शुरू होगा काम
पूरे प्रोजेक्ट में करीब 5.5 किलोमीटर हिस्से की भूमि के लिए मुआवजा प्रक्रिया अभी बाकी है। विभाग संबंधित भूमि मालिकों को नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।
वहीं करीब 3 किलोमीटर हिस्सा सरकारी जमीन पर है। PWD की योजना है कि पहले इसी हिस्से में निर्माण कार्य शुरू किया जाए। इसके साथ ही बाकी हिस्से के लिए मुआवजा प्रक्रिया भी समानांतर रूप से जारी रहेगी।
अलवर-सिकंदरा मेगा हाईवे तक आसान होगी पहुंच
सड़क बनने के बाद आसपास के गांवों के लोगों को बडियाल कलां, बैजूपाड़ा, मंडावर और कठूमर मेगा हाईवे की ओर जाने के लिए वैकल्पिक रास्ता मिलेगा। इससे वाहनों को बांदीकुई शहर के भीतरी मार्गों से गुजरने की जरूरत कम हो सकती है।
नई सड़क क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत करने के साथ स्थानीय व्यापार और ग्रामीण आवागमन के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब वर्क ऑर्डर जारी होने का इंतजार है। यदि प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ती है तो निकाय और पंचायत चुनावों की आचार संहिता लागू होने से पहले सड़क परियोजना का शिलान्यास किया जा सकता है।
करीब 25 करोड़ रुपये की यह परियोजना पूरी होने के बाद बांदीकुई क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को नया विकल्प मिलेगा। ग्रामीण कनेक्टिविटी, शहर के ट्रैफिक और आसपास के इलाकों की आवाजाही के लिहाज से नंदेरा-पीचूपाड़ा लिंक रोड आने वाले समय में महत्वपूर्ण परियोजना बन सकती है।

