श्रीगंगानगर में कांग्रेस नेता के बेटे की मौत, घर के कमरे में मिला शव; पुलिस जांच में जुटी
श्रीकरणपुर के पूर्व पंचायत समिति प्रधान और कांग्रेस नेता युवरेंद्र सिंह के 27 वर्षीय बेटे जैसल सिंह बराड़ की घर में मौत हो गई। पुलिस को कमरे से एक नोट मिला है और लाइसेंसी हथियार को कब्जे में लेकर फोरेंसिक टीम की मदद से जांच की जा रही है।
श्रीकरणपुर पंचायत समिति के पूर्व प्रधान और कांग्रेस नेता युवरेंद्र सिंह के 27 वर्षीय बेटे जैसल सिंह बराड़ की शनिवार शाम उनके गांव 5-ओ स्थित घर में मौत हो गई। जैसल का शव उनके कमरे में मिला। घटना की सूचना मिलते ही केसरीसिंहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार, जैसल प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। घटना के समय घर में मौजूद नौकर उन्हें चाय देने कमरे में गया था। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद जब अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उसने परिवार के अन्य सदस्यों को जानकारी दी। इसके बाद घटना सामने आई।
कमरे से मिला सुसाइड नोट, जांच का हिस्सा बनाया
पुलिस को घटनास्थल से एक नोट भी मिला है। पुलिस ने इसे जांच में शामिल कर लिया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जैसल ने यह कदम क्यों उठाया। पुलिस परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों से जानकारी जुटा रही है ताकि घटना से पहले की परिस्थितियों को समझा जा सके।
डीएसपी पुष्पेंद्र सिंह के मुताबिक, जैसल के दादा सरदार बाघसिंह बराड़ के नाम लाइसेंसी हथियार था, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की जानकारी मिलने के बाद श्रीगंगानगर से फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने जैसल के कमरे से जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने घटनास्थल को जांच के दायरे में लेते हुए सभी पहलुओं की पड़ताल शुरू कर दी है।
शव को केसरीसिंहपुर सीएचसी की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस के अनुसार, पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया मेडिकल बोर्ड के जरिए कराई जानी है।
परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि
जैसल सिंह बराड़ कांग्रेस नेता युवरेंद्र सिंह के इकलौते बेटे थे। युवरेंद्र सिंह वर्ष 2000 से 2005 तक श्रीकरणपुर पंचायत समिति के प्रधान रह चुके हैं। जैसल के दादा बाघ सिंह भी पंचायत समिति प्रधान रहे हैं।
फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य फोकस घटना की परिस्थितियों और जैसल की मौत के कारणों को समझने पर है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

