दो कमरों में चल रहा पूरा स्कूल, बच्चों की पढ़ाई पर संकट; बीकानेर में ग्रामीणों ने लगाया ताला, अब आर-पार की लड़ाई
बीकानेर के खाजूवाला क्षेत्र के 1KJD गांव में सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों और छात्रों ने स्कूल के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने चार नए कमरों के निर्माण की मांग की है।
बीकानेर के सीमावर्ती खाजूवाला क्षेत्र में सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों और छात्रों का गुस्सा सामने आया है। 1KJD गांव के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में पर्याप्त कक्ष नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पुरानी बिल्डिंग हटाए जाने के बाद नई इमारत का निर्माण नहीं हुआ और पूरा स्कूल महज दो कमरों में सिमटकर रह गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से स्कूल में कक्षों की भारी कमी है। सीमित कमरों में कक्षाएं संचालित होने के कारण बच्चों को पढ़ाई के दौरान जगह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि पर्याप्त कक्ष नहीं होने का सीधा असर शिक्षण व्यवस्था पर भी पड़ रहा है।
पुरानी बिल्डिंग हटाई, नई अभी तक नहीं बनी
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय की पुरानी इमारत को डिस्मेंटल कर दिया गया था। इसके बाद उम्मीद थी कि जल्द ही नई बिल्डिंग तैयार होगी, लेकिन लंबे समय बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
अब स्कूल में उपलब्ध कमरों की संख्या इतनी कम है कि अलग-अलग कक्षाओं के संचालन को लेकर लगातार परेशानी बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को बेहतर माहौल में पढ़ाने के लिए स्कूल में कम से कम चार नए कमरों की जरूरत है।
## कई बार अधिकारियों को बताया, फिर भी नहीं निकला रास्ता
स्कूल भवन की समस्या को लेकर ग्रामीणों का दावा है कि शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों को कई बार इसकी जानकारी दी गई। इसके बावजूद भवन निर्माण को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
लंबे समय तक समाधान नहीं मिलने के बाद ग्रामीणों और छात्रों ने आंदोलन का रास्ता चुना। स्कूल के गेट पर तालाबंदी के साथ शुरू हुआ धरना अब अनिश्चितकालीन कर दिया गया है।
## चार नए कमरों की मांग, बोले- मांग पूरी होने तक जारी रहेगा धरना
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने विद्यालय में कम से कम चार नए कमरों के निर्माण की मांग रखी है। उनका कहना है कि पर्याप्त कक्ष मिलने से ही विद्यार्थियों को व्यवस्थित तरीके से पढ़ाई का अवसर मिल सकेगा।
ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांग पर ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
## अब भूख हड़ताल की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन और शिक्षा विभाग को चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्कूल भवन की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर भूख हड़ताल शुरू करने की बात भी कही गई है।
अब मामला सिर्फ स्कूल की बिल्डिंग का नहीं, बल्कि सीमावर्ती इलाके के बच्चों की पढ़ाई और उनके शैक्षणिक भविष्य से जुड़ा सवाल बन गया है। ग्रामीण चाहते हैं कि प्रशासन जल्द हस्तक्षेप करे और स्कूल के लिए पर्याप्त कक्षों का निर्माण कराया जाए।
### बड़ा सवाल: दो कमरों में कैसे चलेगा पूरा स्कूल?
एक तरफ सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा और सुविधाओं की बात होती है, वहीं दूसरी तरफ 1KJD के इस स्कूल में पर्याप्त कक्षों का अभाव ग्रामीणों के लिए बड़ा मुद्दा बन गया है। अब देखना होगा कि तालाबंदी और अनिश्चितकालीन धरने के बाद प्रशासन कितनी जल्दी इस समस्या का समाधान करता है।

