सागर में जहरीली शराब का कहर: 19 लोगों की मौत, 112 अस्पताल में भर्ती; 10 आरोपी गिरफ्तार

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सागर में जहरीली शराब का कहर: 19 लोगों की मौत, 112 अस्पताल में भर्ती; 10 आरोपी गिरफ्तार

सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र के गांवों में कथित जहरीली शराब पीने से बाप-बेटे समेत 19 लोगों की मौत हो गई है। वहीं करीब 112 लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मामले में पुलिस ने 30 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है और अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से अवैध शराब के नेटवर्क और इसकी सप्लाई से जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है। मामले में लाइसेंसी शराब ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा और यशवंत ठाकुर को भी आरोपी बनाया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

गांवों में अवैध शराब बिक्री का आरोप

बंडा थाने में दर्ज FIR के मुताबिक, फरियादी अनूप सिंह लोधी ने पुलिस को बताया कि उसके गांव में करीब आठ लोग कथित तौर पर अवैध रूप से शराब बेचते हैं। 4 सितंबर को वह अपने भतीजे राजेंद्र लोधी के साथ जुझार लोधी की दुकान पर गया था।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह धुरमार निवासी महेश रावत (55) ने बंडा अस्पताल में दम तोड़ दिया। छापरी गांव की श्याम बाई अहिरवार (50) की जिला अस्पताल में मौत हुई, जबकि पापेट गांव निवासी कृष्ण कुमार लोधी ने मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

इससे पहले एयरलिफ्ट कर भोपाल लाए गए राम प्रसाद लोधी की रविवार रात मौत हो गई थी। उनके पिता गोविंद लोधी की भी रविवार को मौत हुई। राम प्रसाद का छोटा भाई भूरे लोधी अभी बीएमसी में भर्ती बताया गया है। बमूरा भेड़ा गांव में अब तक छह लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है।

राजेंद्र ने पूछा था- नकली जहरीली शराब तो नहीं?

FIR में दर्ज जानकारी के अनुसार, जुझार लोधी ने बताया कि बरेठी के लाइसेंसी शराब ठेकेदार यशवंत सिंह, मनीष लोधी और बंडा निवासी आशीष साहू ने कथित तौर पर आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रविंद्र, रोहित, अनिकेत गंधर्व और माखन के माध्यम से एक नया सस्ता ब्रांड भेजा था।

बताया गया कि यह शराब बाजार में मिलने वाली शराब से करीब 20 रुपये सस्ती थी। अनूप ने शराब पीने से इनकार कर दिया, जबकि राजेंद्र ने कथित तौर पर जुझार से पूछा कि “नकली जहरीली शराब तो नहीं है?”

आरोप है कि जुझार ने शराब को वही ब्रांड बताते हुए कहा कि इसे मनीष और आशीष ने शराब के फार्मूले से तैयार किया है और यह बाजार से 20 रुपये सस्ती मिलेगी।

इसके बाद राजेंद्र ने जुझार की दुकान से 70 रुपये में एक क्वार्टर देशी शराब खरीदी और पी। रात में घर लौटने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे पहले बंडा अस्पताल ले जाया गया, जहां से सागर रेफर किया गया। इलाज के दौरान राजेंद्र की मौत हो गई।

इसी मामले में करतार सिंह लोधी और दिग्विजय सिंह लोधी की भी शराब पीने से मौत होने की जानकारी सामने आई है।

30 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR

पुलिस ने मामले में जुझार लोधी, दिनेश सिंह, सौरभ लोधी, गोविंद लोधी, मनोहर लोधी, लाइसेंसी यशवंत ठाकुर, मनीष लोधी, आशीष साहू, आकाश राय, रहीम खान, सत्यम, आशाराम, अरविंद, रोहित, माखन, अनिकेत गंधर्व, विशाल लोधी, मंगल रजक और राजा सिंह समेत अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

इसके अलावा लाइसेंसी ठेकेदार सिद्धार्थ कुशवाहा, राम सिंह लोधी, चंद्रभान राजपूत, अरविंद यादव, भगवान सिंह और मान सिंह अहिरवार समेत अन्य के खिलाफ भी FIR दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

ग्रामीणों का दावा- ततरवारा से होती थी शराब की सप्लाई

ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर दावा किया कि नौराज ग्राम पंचायत के ततरवारा गांव में लंबे समय से कथित तौर पर अवैध शराब बनाई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक, यहां से आसपास के गांवों में शराब की सप्लाई की जाती है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शराब बनाने के काम में कुछ प्रभावशाली और आपराधिक प्रवृत्ति के लोग भी जुड़े हैं। दहशत के कारण ग्रामीण खुलकर उनके नाम लेने से बचते हैं। ग्रामीणों का यह भी दावा है कि स्थानीय पुलिस ततरवारा गांव में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने से कतराती है।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी जांच का विषय है।

10 आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ जारी

एसपी अनुराग सुजानिया के मुताबिक, शराब मामले में बंडा और विनायका थाने में 25 से अधिक नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों को थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस उनसे अवैध शराब के नेटवर्क, निर्माण और सप्लाई से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग जगहों पर पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।

112 मरीज अस्पताल में भर्ती, 12 ICU में

कलेक्टर प्रतिभा पाल के मुताबिक, अवैध शराब से प्रभावित 112 मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

  • बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज: 85 मरीज
  • ICU में: 12 मरीज
  • जिला चिकित्सालय: 17 मरीज
  • बंडा सिविल अस्पताल: 7 मरीज
  • एम्स भोपाल: एक गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट किया गया

अधिकांश मरीजों की हालत अब स्थिर बताई गई है। प्रशासन के अनुसार मरीजों के लिए आवश्यक दवाएं, डायलिसिस और जांच की सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

शराब में मेथेनॉल की मिलावट

शुरुआती जांच में जहरीली शराब के स्रोत को लेकर जांच जारी है। जानकारी के मुताबिक, शराब बाहर से बनकर सप्लाई की गई थी और इसमें मेथेनॉल की मिलावट पाई गई है।

मेथेनॉल एक जहरीला अल्कोहल है, जिसका इस्तेमाल औद्योगिक कार्यों में किया जाता है। शराब में इसकी मिलावट बेहद खतरनाक हो सकती है और इसके सेवन से गंभीर स्वास्थ्य नुकसान होने के साथ मौत भी हो सकती है।

फिलहाल पुलिस अवैध शराब के पूरे नेटवर्क, सप्लाई चैन और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।