बिहार में गंगा ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड, 18 जिले बाढ़ की चपेट में; यूपी-MP में भी बारिश का कहर

Bihar Flood News: पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर पहुंच गया, जो 2016 के रिकॉर्ड से 5 सेंटीमीटर ज्यादा है। बिहार के 18 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और 6.65 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं।

बिहार में गंगा ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड, 18 जिले बाढ़ की चपेट में; यूपी-MP में भी बारिश का कहर

Bihar Flood News: बिहार में गंगा का जलस्तर लगातार चिंता बढ़ा रहा है। पटना के गांधी घाट पर गंगा ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शनिवार को नदी का जलस्तर 50.57 मीटर तक पहुंच गया, जबकि इससे पहले 2016 में अधिकतम 50.52 मीटर दर्ज किया गया था। प्रदेश के 18 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और 6.65 लाख से ज्यादा लोगों पर इसका असर पड़ा है। उधर, मध्य प्रदेश में नर्मदा समेत कई नदियां उफान पर हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।**

देश के कई राज्यों में इस समय बारिश और बाढ़ ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिहार में गंगा का बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पटना में गंगा ने अपने पुराने रिकॉर्ड को पार कर लिया है। लगातार बढ़ते पानी के कारण नदी किनारे के इलाकों में चिंता बढ़ गई है और बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।

 गंगा ने 2016 का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा

पटना के गांधी घाट पर शनिवार को गंगा का जलस्तर 50.57 मीटर दर्ज किया गया। यह स्तर 2016 में दर्ज किए गए 50.52 मीटर के पिछले रिकॉर्ड से 5 सेंटीमीटर ज्यादा है।

गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण पटना समेत कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर निगरानी रखी जा रही है।

 बिहार के 18 जिलों में बाढ़, 6.65 लाख से ज्यादा प्रभावित

बिहार में बाढ़ का असर लगातार बढ़ रहा है। राज्य के 18 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और करीब 6.65 लाख से अधिक लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं।

नदियों के बढ़ते जलस्तर ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जगहों पर आवागमन और रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बनाए रखने की है।

 MP में नर्मदा समेत कई नदियां उफान पर

बिहार के साथ मध्य प्रदेश में भी बारिश ने हालात बिगाड़े हुए हैं। नर्मदा समेत प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। भारी पानी की आवक को देखते हुए बरगी, भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खोले गए हैं।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक ग्वालियर-चंबल और सागर क्षेत्र में आज एक मजबूत मौसम सिस्टम सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से इन इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 30 इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों और जलाशयों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

यूपी में 18 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश में भी मौसम अभी राहत देने के मूड में नहीं है। रविवार को प्रदेश के 18 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं, राज्य के 26 जिलों में बाढ़ का असर बताया जा रहा है और करीब 3.53 लाख लोग प्रभावित हैं। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है।

कश्मीर में सीजन की पहली बर्फबारी

देश के मैदानी इलाकों में जहां बारिश और बाढ़ से परेशानी बढ़ी है, वहीं जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम ने सर्दी का संकेत देना शुरू कर दिया है।

शनिवार को कश्मीर में इस सीजन की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। गुलमर्ग के सनशाइन पीक और बांदीपोरा जिले की तुलैल घाटी में काओबल गली क्षेत्र में ताजा बर्फबारी हुई।

इससे ऊंचे पहाड़ी इलाकों में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है।

 बिहार से कश्मीर तक मौसम के अलग-अलग रंग

देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम की तस्वीर फिलहाल अलग नजर आ रही है। बिहार और उत्तर प्रदेश में बाढ़ और बारिश लोगों के लिए चुनौती बनी हुई है, जबकि मध्य प्रदेश में नदियों और डैम का बढ़ता जलस्तर चिंता बढ़ा रहा है। दूसरी ओर, कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में सीजन की पहली बर्फबारी ने सर्द मौसम की दस्तक दे दी है।

आने वाले दिनों में बिहार, यूपी और मध्य प्रदेश में बारिश की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि कई इलाकों में नदियां पहले ही ऊफान पर हैं।