डूंगरपुर निकाय चुनाव में गरमाई सियासत, कांग्रेस ने उठाया आचार संहिता का मुद्दा; कलेक्टर से जांच की मांग
डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव के बीच कांग्रेस ने आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने नए निर्माण और विकास कार्यों की जांच, वीडियोग्राफी और नियमों का उल्लंघन मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
राजस्थान के डूंगरपुर में नगर परिषद चुनाव का माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। चुनावी तैयारियों के बीच कांग्रेस ने अब आचार संहिता के पालन को लेकर जिला प्रशासन के सामने सवाल खड़े किए हैं। पार्टी ने नगर परिषद क्षेत्र में कथित तौर पर नए निर्माण और विकास कार्य जारी रहने का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है।
कांग्रेस ने इन गतिविधियों की जांच कराने के साथ ही संबंधित कार्यों की वीडियोग्राफी कराने और यदि नियमों का उल्लंघन सामने आए तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
विधायक के पत्र के साथ कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शंकर यादव ने विधायक गणेश घोघरा के पत्र के साथ जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद नगर परिषद क्षेत्र में शुरू या जारी किए गए नए निर्माण और विकास कार्यों की जानकारी जुटाने की मांग की गई है।
कांग्रेस का कहना है कि चुनाव के दौरान सभी राजनीतिक दलों, प्रत्याशियों और सरकारी विभागों के लिए आचार संहिता के नियमों का पालन जरूरी है। ऐसे में जिन कार्यों को लेकर शिकायत की गई है, उनकी अनुमति और स्वीकृति की प्रक्रिया की भी जांच होनी चाहिए।
‘किसकी अनुमति से शुरू हुए काम?’ कांग्रेस ने उठाया सवाल
कांग्रेस ने प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि आचार संहिता लागू होने के बाद नगर परिषद क्षेत्र में किन स्थानों पर नए काम शुरू किए गए। साथ ही पार्टी ने संबंधित अधिकारियों और विभागों से यह जानकारी लेने की मांग की है कि इन कार्यों के लिए किस स्तर पर अनुमति दी गई।
पार्टी ने कहा कि कार्यों से जुड़े आदेश, स्वीकृति और अन्य दस्तावेजों की जांच से पूरे मामले की स्थिति साफ हो सकती है।
निर्माण कार्यों की वीडियोग्राफी की मांग
कांग्रेस ने शिकायत के साथ प्रशासन के सामने एक और प्रमुख मांग रखी है। पार्टी चाहती है कि नगर परिषद क्षेत्र में चल रहे नए निर्माण और विकास कार्यों की वीडियोग्राफी कराई जाए।
कांग्रेस के मुताबिक, इससे यह रिकॉर्ड तैयार हो सकेगा कि आचार संहिता लागू होने के बाद किन स्थानों पर काम शुरू हुआ और उस समय वहां क्या स्थिति थी। पार्टी ने जांच में यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी या प्रत्याशी की भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
शंकर यादव ने बीजेपी पर लगाए आरोप
कांग्रेस नेता शंकर यादव ने इस दौरान बीजेपी पर भी राजनीतिक निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि डूंगरपुर नगर परिषद पर करीब 35 वर्षों से बीजेपी का कब्जा रहा है, लेकिन शहर के विकास को लेकर अपेक्षित काम नहीं हुआ।
यादव ने आरोप लगाया कि नगर परिषद चुनाव सामने आने के बाद अब जल्दबाजी में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस नेता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बीजेपी या संबंधित विभाग की ओर से इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
चुनाव के बीच बढ़ सकता है विवाद
डूंगरपुर नगर परिषद चुनाव को लेकर पहले से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। ऐसे में आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप सामने आने से स्थानीय सियासत और गरमा गई है।
कांग्रेस ने प्रशासन से चुनाव प्रक्रिया के दौरान सभी दलों और प्रत्याशियों के लिए समान नियम लागू करने तथा सरकारी मशीनरी के निष्पक्ष इस्तेमाल को सुनिश्चित करने की मांग की है।
अब इस शिकायत पर जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर सबकी नजर है। जांच के बाद ही यह साफ होगा कि कांग्रेस की ओर से बताए गए निर्माण और विकास कार्य आचार संहिता के दायरे में आते हैं या उन्हें नियमों के तहत अनुमति मिली हुई थी।

