जन्माष्टमी पर राजस्थान में कान्हा के रंग: गोविंददेवजी में आस्था का सैलाब, सांवलियाजी में 1100 ड्रोन से सजेगा आसमान
राजस्थान में जन्माष्टमी पर जयपुर के गोविंददेवजी, चित्तौड़गढ़ के सांवलियाजी और सिरोही के रामझरोखा मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सांवलियाजी में रात 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव के साथ 1100 ड्रोन शो खास आकर्षण रहेगा।
राजस्थान में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर भक्ति और उत्साह का अद्भुत माहौल है। राजधानी जयपुर से लेकर चित्तौड़गढ़ और सिरोही तक प्रमुख कृष्ण मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कहीं लंबी कतारों में भक्त कान्हा के दर्शन के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं तो कहीं जन्मोत्सव को यादगार बनाने के लिए भव्य ड्रोन शो, झांकियां और विशेष श्रृंगार की तैयारियां की गई हैं।
जन्माष्टमी के मौके पर जयपुर के आराध्य देव गोविंददेवजी मंदिर में विशेष दर्शन व्यवस्था लागू की गई है। वहीं चित्तौड़गढ़ के सांवलियाजी धाम में रात 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव के साथ 1100 ड्रोन का आकर्षक शो आयोजन का प्रमुख केंद्र रहेगा। सिरोही के ऐतिहासिक रामझरोखा मंदिर में भी विशेष श्रृंगार और धार्मिक कार्यक्रमों के बीच जन्माष्टमी मनाई जा रही है।
जयपुर में गोविंददेवजी के दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था
जयपुर के प्रसिद्ध गोविंददेवजी मंदिर में जन्माष्टमी पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया है। भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित करने के लिए श्रद्धालुओं की एंट्री जलेब चौक की ओर से कराई जा रही है।
दर्शनार्थियों के लिए जलेब चौक पर अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है, ताकि भारी भीड़ के बीच दर्शन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके। तय किए गए रूट के अनुसार कई श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 5 से 6 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ सकता है। दर्शन के बाद भक्तों की निकासी जय निवास बाग की ओर से कराई जाएगी।

जन्माष्टमी पर गोविंददेवजी मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में सुबह से ही भक्ति का माहौल है। कान्हा के जयकारों और भजनों के बीच श्रद्धालु अपने आराध्य के दर्शन के लिए कतारों में आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं।
चारदीवारी में बदला ट्रैफिक, मेट्रो से आने की अपील
भारी भीड़ को देखते हुए जयपुर के परकोटा क्षेत्र में यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। चारदीवारी क्षेत्र में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के प्रवेश पर रोक लगाई गई है, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही में किसी तरह की परेशानी न हो।
वाहनों के लिए रामनिवास बाग और चौगान स्टेडियम में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निजी वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करें और संभव हो तो मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन साधनों का उपयोग करें।
श्रद्धालुओं को कम सामान लेकर आने की सलाह भी दी गई है। मंदिर परिसर में जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था नहीं होने के कारण भक्तों से पहले से ही अपनी यात्रा की योजना बनाने का आग्रह किया गया है।
सांवलियाजी में रात 12 बजे जन्मोत्सव, 1100 ड्रोन शो होगा खास
चित्तौड़गढ़ जिले के प्रसिद्ध श्री सांवलियाजी धाम में जन्माष्टमी की तैयारियां अपने चरम पर हैं। कृष्ण भक्तों के बीच विशेष रूप से पूजे जाने वाले सांवरा सेठ के जन्मोत्सव को लेकर मंदिर परिसर में उत्सव का माहौल है।
मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साथ विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती की जाएगी। इस बार आयोजन को और भव्य बनाने के लिए 1100 ड्रोन का विशेष शो भी रखा गया है। रात के आसमान में ड्रोन के जरिए धार्मिक और आकर्षक दृश्य प्रस्तुत किए जाने की तैयारी है।
ड्रोन शो के अलावा कृष्ण लीलाओं के मंचन और अन्य धार्मिक कार्यक्रम भी जन्माष्टमी समारोह का हिस्सा होंगे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यहां भी सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
सिरोही के रामझरोखा मंदिर में कान्हा का विशेष श्रृंगार
सिरोही शहर के ऐतिहासिक रामझरोखा मंदिर में भी जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण और बालाजी महाराज का विशेष श्रृंगार किया गया है।
अयोध्या से आए संत पंकज दास जी महाराज ने भगवान का विशेष और आकर्षक श्रृंगार किया। मंदिर परिसर में सुंदर झांकियां सजाई गई हैं, जबकि सुबह से ही पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान जारी हैं।
श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन कर रहे हैं और जन्माष्टमी के इस पावन पर्व में शामिल हो रहे हैं।
राजस्थान में हर तरफ गूंज रहे कान्हा के जयकारे
जन्माष्टमी के अवसर पर राजस्थान के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में भक्ति का अलग ही रंग दिखाई दे रहा है। जयपुर में गोविंददेवजी के दर्शन के लिए लंबी कतारें हैं, तो सांवलियाजी में आधी रात के जन्मोत्सव और विशाल ड्रोन शो को लेकर भक्तों में खास उत्साह है। सिरोही में विशेष श्रृंगार और झांकियों ने धार्मिक माहौल को और आकर्षक बना दिया है।
पुलिस और प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करना है। इसके लिए प्रमुख मंदिरों और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे प्रशासन की ओर से तय किए गए रूट और निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
राजस्थान में जन्माष्टमी इस बार सिर्फ एक धार्मिक पर्व के रूप में नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और उत्सव के विशाल संगम के रूप में नजर आ रही है। कहीं कान्हा के दर्शन के लिए भक्तों के कदम कई किलोमीटर तक बढ़ रहे हैं तो कहीं आसमान में 1100 ड्रोन श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की भव्यता को नई ऊंचाई देने की तैयारी में हैं।

