बिहार में बाढ़ का बढ़ा खतरा: पटना समेत 8 जिलों में अलर्ट, गंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका
बिहार में बढ़ते गंगा जलस्तर के बीच पटना समेत आठ जिलों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। गांधी घाट और हाथीदह में गंगा के उच्चतम बाढ़ स्तर तक पहुंचने की आशंका है, जबकि प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बिहार में लगातार बढ़ते नदी जलस्तर के बीच बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने गुरुवार को पटना सहित आठ जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। निचले और नदी किनारे वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और किसी भी तरह का जोखिम न लेने की सलाह दी गई है।
अलर्ट वाले जिलों में **भोजपुर, पटना, सारण, वैशाली, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद** शामिल हैं। प्रशासन ने इन जिलों में नदी किनारे और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
गांधी घाट और हाथीदह में बढ़ सकता है गंगा का जलस्तर
जल संसाधन विभाग के अनुसार पटना के **गांधी घाट** पर गुरुवार रात गंगा नदी का जलस्तर उच्चतम बाढ़ स्तर तक पहुंचने या उसे पार करने की आशंका है।
वहीं **हाथीदह (मोकामा)** में 4 सितंबर की दोपहर के आसपास गंगा का जलस्तर Highest Flood Level यानी उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर जा सकता है। इसे देखते हुए संबंधित जिलों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।

निचले इलाकों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह
आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से कहा है कि बाढ़ की आशंका को हल्के में न लें। खासकर नदी के आसपास, तटबंधों और निचले क्षेत्रों में रहने वाले परिवार परिस्थितियों पर लगातार नजर रखें।
विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार लोगों को नदी, घाट और तटबंध के आसपास अनावश्यक रूप से जाने से बचना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों को जलभराव और नदी वाले क्षेत्रों से दूर रखने की सलाह दी गई है।
राहत शिविरों और सुरक्षित स्थानों की जानकारी रखें
लोगों से अपने क्षेत्र में प्रशासन द्वारा चिह्नित राहत शिविर और सुरक्षित स्थानों की जानकारी पहले से रखने को कहा गया है। स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन के निर्देश मिलते ही सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील की गई है।
नदी में स्नान करने, तैरने, बिना जरूरत नाव से सफर करने या बाढ़ के पानी के पास जाकर सेल्फी और वीडियो बनाने जैसी गतिविधियों से पूरी तरह बचने की सलाह दी गई है।
जरूरी सामान तैयार रखने की अपील
बाढ़ की संभावना वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को जरूरी दस्तावेज, नियमित इस्तेमाल की दवाइयां, मोबाइल फोन, चार्जर या पावर बैंक, टॉर्च, पीने का पानी और अन्य आवश्यक सामान ऐसी जगह रखने की सलाह दी गई है, जहां से जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत साथ लिया जा सके।
आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों से भी सावधान रहने को कहा है। बाढ़ और जलस्तर से जुड़ी जानकारी के लिए केवल जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।
किसी आपात स्थिति में **राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 1070** पर संपर्क किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लिया हालात का जायजा
बाढ़ के बढ़ते खतरे के बीच मुख्यमंत्री **सम्राट चौधरी** ने गुरुवार को पटना और आसपास के क्षेत्रों की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने गंगा पथ पहुंचकर नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया और अधिकारियों से मौजूदा हालात की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए।
बिहार में अगले कुछ समय के दौरान गंगा के जलस्तर पर प्रशासन की विशेष नजर रहेगी। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और जलस्तर में बदलाव को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

