Swiggy-Zomato और Zepto पर लगेगी नई पाबंदी, डिलीवरी बॉय को मिलेंगे बड़े फायदे

महाराष्ट्र में Swiggy, Zomato और Zepto पर नए नियम लागू हो सकते हैं। हर ऑर्डर से 2% Driver Welfare Fund में जाएगा। डिलीवरी पार्टनर्स को पेंशन, बीमा और बच्चों की शिक्षा का लाभ मिल सकता है।

Swiggy-Zomato और Zepto पर लगेगी नई पाबंदी, डिलीवरी बॉय को मिलेंगे बड़े फायदे
Delivery boy

Maharashtra Bike Taxi Rules: महाराष्ट्र सरकार Swiggy, Zomato और Zepto जैसी फूड डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स कंपनियों के लिए नियम सख्त करने की तैयारी में है। राज्य का परिवहन विभाग इन कंपनियों को ‘महाराष्ट्र बाइक-टैक्सी नियम, 2025’ के दायरे में लाने का प्रस्ताव तैयार कर चुका है। प्रस्ताव को समीक्षा के लिए विधि एवं न्याय विभाग के पास भेजा गया है। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो डिलीवरी कंपनियों और उनके पार्टनर्स के कामकाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

हर ऑर्डर से 2% रकम Driver Welfare Fund में जाएगी

प्रस्तावित नियमों के मुताबिक, डिलीवरी कंपनियों को प्रत्येक राइड या ऑर्डर के किराये का 2 प्रतिशत हिस्सा Driver Welfare Fund में जमा करना पड़ सकता है। इस फंड का इस्तेमाल डिलीवरी पार्टनर्स के कल्याण के लिए किया जाएगा।

इस रकम से भविष्य में डिलीवरी पार्टनर्स को पेंशन, दुर्घटना बीमा और उनके बच्चों की शिक्षा जैसी सुविधाएं देने की योजना है। सरकार का उद्देश्य डिलीवरी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को सामाजिक सुरक्षा का दायरा उपलब्ध कराना है।

15 किलोमीटर तक की डिलीवरी के लिए इलेक्ट्रिक वाहन जरूरी

नए प्रस्ताव में प्रदूषण कम करने पर भी जोर दिया गया है। इसके तहत 15 किलोमीटर से कम दूरी की डिलीवरी के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल अनिवार्य किया जा सकता है।

इस नियम का सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ेगा, जो बड़ी संख्या में बाइक और दोपहिया वाहनों के जरिए ग्राहकों तक सामान पहुंचाती हैं। सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल से शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।

डिलीवरी वाहनों की होगी रियल-टाइम ट्रैकिंग

डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा और निगरानी के लिए वाहनों तथा ड्राइवर्स को राज्य परिवहन आयुक्त के एक विशेष डिजिटल पोर्टल से जोड़े जाने का प्रस्ताव है। इसके जरिए वाहनों की रियल-टाइम ट्रैकिंग की जा सकेगी।

इसके अलावा बाइक-टैक्सी नियमों के तहत डिलीवरी ड्राइवर्स पर महाराष्ट्र का डोमिसाइल और पुलिस वेरिफिकेशन जैसी शर्तें भी लागू की जा सकती हैं। ये शर्तें राज्य में बाइक-टैक्सी सेवाओं से जुड़े ड्राइवर्स के लिए पहले से लागू नियमों के अनुरूप बताई जा रही हैं।

Swiggy-Zomato और Zepto की बढ़ सकती है लागत

अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो Swiggy, Zomato और Zepto जैसी कंपनियों की परिचालन लागत बढ़ सकती है। कंपनियों को Welfare Fund में योगदान करने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों और नए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम से जुड़े नियमों का पालन करना होगा।

इन कंपनियों का बिजनेस मॉडल Ola-Uber से अलग है। जहां कैब कंपनियां यात्रियों से किराया लेती हैं, वहीं फूड डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भुगतान ऑर्डर और दूरी के आधार पर तय होता है। ऐसे में नए नियमों का कंपनियों के खर्च और डिलीवरी पार्टनर्स के भुगतान मॉडल पर असर पड़ सकता है।

महाराष्ट्र में पहली बार ऐसा रेगुलेटरी फ्रेमवर्क

फिलहाल Swiggy, Zomato और Zepto जैसी कंपनियां मुख्य रूप से केंद्रीय कानूनों के तहत काम करती हैं। इनमें उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 जैसे कानून शामिल हैं।

अगर महाराष्ट्र सरकार का प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो महाराष्ट्र देश का पहला ऐसा राज्य बन सकता है जहां फूड डिलीवरी और क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को राज्य के बाइक-टैक्सी रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत लाया जाएगा।

हालांकि, अभी यह प्रस्ताव समीक्षा के स्तर पर है। अंतिम नियम लागू होने से पहले संबंधित विभागों की मंजूरी और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी