अजमेर में ATM से 10 हजार निकालने पहुंचे युवक के खाते से 5.68 लाख पार, कस्टमर केयर कॉल से शुरू हुआ ठगी का खेल

अजमेर में ATM से 10 हजार रुपये निकालने पहुंचे युवक के खाते से 14 ट्रांजेक्शन में 5.68 लाख रुपये ठग लिए गए। कस्टमर केयर कॉल के बाद शुरू हुआ साइबर फ्रॉड।

अजमेर में ATM से 10 हजार निकालने पहुंचे युवक के खाते से 5.68 लाख पार, कस्टमर केयर कॉल से शुरू हुआ ठगी का खेल

अजमेर में ATM से पैसे नहीं निकलने के बाद युवक ने कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क किया था। खुद को बैंक कर्मचारी बताने वाले आरोपी ने BOB World ऐप डाउनलोड करवाकर खाते की जानकारी और OTP हासिल किया, जिसके बाद 14 ट्रांजेक्शन में 5.68 लाख रुपये निकाल लिए गए।

ATM से पैसे नहीं निकले तो कस्टमर केयर पर किया फोन

अजमेर में साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है, जहां ATM से सिर्फ 10 हजार रुपये निकालने पहुंचे युवक के खाते से लाखों रुपये गायब हो गए। मामला बैंक ऑफ बड़ौदा के ATM से जुड़ा है।

पुलिस के अनुसार पलटन बाजार स्थित प्रेम भवन निवासी 34 वर्षीय चंद्रशेखर संगत 5 अगस्त 2024 को कचहरी रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के ATM से पैसे निकालने पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक बिजली चली गई और ATM से रकम बाहर नहीं निकल सकी।

युवक को लगा कि तकनीकी वजह से पैसे अटक गए हैं और बाद में खाते में वापस आ जाएंगे। जानकारी लेने के लिए उन्होंने ATM पर दिए गए कस्टमर केयर नंबर पर कॉल किया।

72 घंटे में पैसे वापस होने का दिया भरोसा

फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक से जुड़ा बताते हुए कहा कि तकनीकी समस्या के कारण रकम अटक गई है और करीब 72 घंटे में पैसे खाते में वापस आ जाएंगे। इसके बाद युवक ने मामले को सामान्य समझ लिया।

लेकिन दो दिन बाद उसके साथ साइबर ठगी का सिलसिला शुरू हो गया।

दो दिन बाद आरोपी ने किया फोन

7 अगस्त को राजीव नाम के एक व्यक्ति ने चंद्रशेखर को फोन किया। उसने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और कहा कि ATM में फंसी रकम वापस लेने के लिए एक प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

आरोपी ने युवक से BOB World ऐप डाउनलोड करने को कहा। रकम वापस दिलाने का भरोसा देकर उसने युवक को अपनी बातों में फंसा लिया।

OTP मिलते ही खाते से होने लगे ट्रांजेक्शन

ऐप डाउनलोड करवाने के बाद आरोपी ने बैंक खाते से जुड़ी कई जानकारियां मांगीं। पीड़ित ने आरोपी के कहने पर खाता नंबर, ATM नंबर और OTP जैसी जानकारी साझा कर दी।

OTP मिलते ही आरोपी ने खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन शुरू कर दिए। कुछ ही समय में खाते से बड़ी रकम निकाल ली गई।

14 ट्रांजेक्शन में 5.68 लाख रुपये की ठगी

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार पीड़ित के खाते से 14 अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 5 लाख 68 हजार 397 रुपये निकाल लिए गए।

ठगी का पता चलने के बाद पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 और NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद 1 लाख 23 हजार 648 रुपये वापस मिले, जबकि 41 हजार 260 रुपये बैंक ने होल्ड कर दिए।

हालांकि, पीड़ित के अनुसार अभी भी 4 लाख 44 हजार 749 रुपये की रकम वापस नहीं मिली है।

पुलिस में शिकायत के बाद कोर्ट पहुंचा मामला

पीड़ित ने कार्रवाई के लिए पहले सिविल लाइन थाने में शिकायत दी। इसके बाद एसपी को भी शिकायत दी गई, लेकिन मामला दर्ज नहीं हुआ।

इसके बाद चंद्रशेखर ने ACJM-3 कोर्ट में इस्तगासा पेश किया। कोर्ट के आदेश के बाद सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया है।

साइबर ठगी की जांच शुरू

मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए फोन नंबर, बैंक ट्रांजेक्शन और अन्य संबंधित जानकारियों की जांच कर रही है।

यह घटना एक बार फिर बताती है कि ATM या बैंकिंग से जुड़ी किसी भी समस्या में अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM नंबर, PIN या बैंक खाते की गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।