Rajasthan News: मेवाड़ राजपरिवार की राजमाता विजयराज कुमारी मेवाड़ का निधन, 83 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
उदयपुर के पूर्व मेवाड़ राजपरिवार की राजमाता विजयराज कुमारी मेवाड़ का 14 सितंबर 2026 की देर रात 83 वर्ष की उम्र में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। मंगलवार को शंभू निवास पैलेस से उनकी अंतिम यात्रा निकली और महासतियाजी में अंतिम संस्कार किया गया।
उदयपुर के पूर्व मेवाड़ राजपरिवार से दुखद खबर सामने आई है। राजमाता विजयराज कुमारी मेवाड़ का सोमवार, 14 सितंबर 2026 की देर रात लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने 83 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से उदयपुर समेत पूरे मेवाड़ क्षेत्र में शोक की लहर है।
राजमाता विजयराज कुमारी अपने मिलनसार स्वभाव, सामाजिक सरोकारों और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए जानी जाती थीं। उनके निधन पर सामाजिक संगठनों, राजनीतिक हस्तियों और राजपरिवार से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया है।
कच्छ राजपरिवार से था संबंध
विजयराज कुमारी मेवाड़ का संबंध गुजरात के कच्छ के राजपरिवार से था। वे कच्छ के महाराज फतह सिंह की छोटी पुत्री और कच्छ के महाराव की पौत्री थीं। विवाह के बाद वे मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार का हिस्सा बनीं।
वे स्वर्गीय अरविंद सिंह मेवाड़ की पत्नी और समाजसेवी एवं शिक्षाविद् डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की माताजी थीं। राजपरिवार की परंपराओं के साथ सामाजिक और लोक कल्याण से जुड़े कार्यों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही।
शंभू निवास पैलेस से निकली अंतिम यात्रा
राजमाता की अंतिम यात्रा मंगलवार, 15 सितंबर की सुबह करीब 8 बजे उदयपुर स्थित शंभू निवास पैलेस, सिटी पैलेस से रवाना हुई। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और गणमान्य लोग अंतिम दर्शन के लिए राजमहल पहुंचे।
उनकी पार्थिव देह को उदयपुर के आयड़ स्थित महासतियाजी ले जाया गया, जो मेवाड़ राजपरिवार का पारंपरिक शाही श्मशान स्थल है। यहीं पूरे विधि-विधान और पारंपरिक शाही सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में रहा अहम योगदान
राजमाता विजयराज कुमारी ने शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय काम किया। उनकी प्रारंभिक शिक्षा ऊटी के फ्रांसिस्कन कॉन्वेंट स्कूल में हुई थी।
उदयपुर में उन्होंने शिक्षा के प्रसार को लेकर विशेष रुचि दिखाई। वर्ष 1980 के दशक में उन्होंने महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल (MMPS) के विकास और कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन में स्कूल को आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।
16 से 23 सितंबर तक होगी शोक बैठक
राजमाता विजयराज कुमारी मेवाड़ को श्रद्धांजलि देने के लिए शोक बैठक का आयोजन किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 16 सितंबर से 23 सितंबर 2026 तक प्रतिदिन शंभू निवास पैलेस, राजमहल परिसर में शोक सभा होगी।
यह बैठक दोपहर 2 बजे से 3 बजे तक आयोजित की जाएगी। इस दौरान आमजन, सामाजिक संगठनों और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग राजमाता को श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे।
राजमाता के निधन को मेवाड़ के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके परिवार, शुभचिंतकों और समर्थकों में शोक का माहौल

