Sahara Refund: सहारा अब किसके पास है? निवेशकों का पैसा कौन लौटा रहा है, जानें पूरी जानकारी

सुब्रत रॉय के निधन के बाद पूरा सहारा किसी एक व्यक्ति के पास नहीं गया है। जानें अडाणी द्वारा सहारा खरीदने की सच्चाई और CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल से चार को-ऑपरेटिव सोसायटियों के पात्र निवेशकों को पैसा कैसे मिल रहा है।

Sahara Refund: सहारा अब किसके पास है? निवेशकों का पैसा कौन लौटा रहा है, जानें पूरी जानकारी

Sahara Refund: कभी देश के छोटे शहरों और गांवों तक अपनी पहुंच रखने वाला सहारा इंडिया ग्रुप आज कई कानूनी मामलों और संपत्तियों से जुड़े विवादों के कारण चर्चा में है। लाखों निवेशकों का पैसा सहारा की अलग-अलग योजनाओं में फंसा हुआ है। ऐसे में लोगों के मन में दो बड़े सवाल हैं- सुब्रत रॉय के निधन के बाद अब सहारा किसके पास है और निवेशकों का पैसा कौन लौटा रहा है?

सुब्रत रॉय के निधन के बाद सहारा का क्या हुआ?

सहारा इंडिया के संस्थापक सुब्रत रॉय का नवंबर 2023 में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद यह सवाल उठने लगा कि अब सहारा ग्रुप का क्या होगा। हालांकि, सहारा की सभी कंपनियां और संपत्तियां किसी एक व्यक्ति या कंपनी के नियंत्रण में नहीं हैं। अलग-अलग कंपनियों और संपत्तियों से जुड़े मामले विभिन्न कानूनी प्रक्रियाओं के अधीन हैं।

इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि सुब्रत रॉय के बाद पूरा सहारा किसी एक व्यक्ति के पास चला गया है।

क्या अडाणी ने खरीद लिया पूरा सहारा?

सहारा की कुछ बड़ी संपत्तियों को लेकर अडाणी प्रॉपर्टीज को बिक्री के प्रस्ताव की खबरें सामने आई थीं। इनमें महाराष्ट्र की एंबी वैली और लखनऊ की सहारा सिटी समेत करीब 88 संपत्तियों का जिक्र किया गया था।

हालांकि, किसी संपत्ति या संपत्तियों की बिक्री का प्रस्ताव और पूरे सहारा ग्रुप का अधिग्रहण दो अलग-अलग बातें हैं। इसलिए यह कहना गलत होगा कि अडाणी ने पूरा सहारा ग्रुप खरीद लिया है।

निवेशकों का पैसा कौन लौटा रहा है?

सहारा से जुड़ी चार को-ऑपरेटिव सोसायटियों के जमाकर्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल शुरू किया है। इसके जरिए पात्र जमाकर्ता अपना रिफंड क्लेम कर सकते हैं।

दावे के साथ जरूरी दस्तावेज और रिकॉर्ड की जांच की जाती है। पात्रता और रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद नियमों के अनुसार रिफंड की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

कौन-कौन सी सोसायटियां शामिल हैं?

CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल के तहत चार को-ऑपरेटिव सोसायटियां शामिल हैं:

- सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड

- सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी लिमिटेड

- हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड

- स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड

क्या सहारा खुद निवेशकों को पैसा लौटा रहा है?

रिफंड की प्रक्रिया को केवल इस तरह समझना सही नहीं है कि सहारा कंपनी सीधे अपनी तरफ से निवेशकों को पैसा लौटा रही है। सहारा की को-ऑपरेटिव सोसायटियों के पात्र जमाकर्ताओं के रिफंड की प्रक्रिया सरकारी व्यवस्था और न्यायालय के निर्देशों के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।

इस पूरी प्रक्रिया में CRCS की महत्वपूर्ण भूमिका है। सहारा से जुड़े अलग-अलग मामलों में अदालतों और संबंधित सरकारी/नियामक संस्थाओं के निर्देश भी लागू होते हैं।

पैसा कब तक मिलेगा?

सभी निवेशकों को रिफंड एक ही तारीख पर नहीं मिलता। पहले दावे और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है। इसके बाद यह देखा जाता है कि जमाकर्ता निर्धारित नियमों के तहत रिफंड के लिए पात्र है या नहीं।

इसलिए सहारा में पैसा फंसा होने पर सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी तारीख या दावे पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक रिफंड प्रक्रिया और पोर्टल की जानकारी के आधार पर ही आगे बढ़ना बेहतर है।

सुब्रत रॉय के निधन के बाद पूरा सहारा किसी एक व्यक्ति के हाथ में नहीं गया है। वहीं, अडाणी द्वारा पूरे सहारा ग्रुप को खरीदने की बात भी सही नहीं है। सहारा की चार को-ऑपरेटिव सोसायटियों के पात्र जमाकर्ताओं के लिए CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए रिफंड प्रक्रिया चल रही है।