जयपुर सेंट्रल जेल में भूख हड़ताल पर बैठे पूर्व विधायक बलजीत यादव, मोबाइल बरामदगी के आरोप को बताया झूठा

जयपुर सेंट्रल जेल में बंद बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव मोबाइल बरामदगी के आरोप को खारिज करते हुए भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। उन्होंने DGP और जेल DG से CCTV फुटेज की जांच की मांग की है, जबकि जेल प्रशासन मोबाइल, बैटरी और सिम बरामद होने का दावा कर रहा है।

जयपुर सेंट्रल जेल में भूख हड़ताल पर बैठे पूर्व विधायक बलजीत यादव, मोबाइल बरामदगी के आरोप को बताया झूठा

जयपुर सेंट्रल जेल में बंद बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव शनिवार को भूख हड़ताल पर बैठ गए। उन्होंने जेल में मोबाइल रखने के आरोप को खारिज करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

बलजीत यादव के खिलाफ 9 सितंबर को जयपुर सेंट्रल जेल में तलाशी अभियान के दौरान कथित रूप से मोबाइल मिलने के बाद FIR दर्ज की गई थी। जेल प्रशासन का आरोप है कि मोबाइल को कंबल के नीचे छिपाकर रखा गया था।

जेल में मिलने पहुंचे प्रतिनिधि, 20 मिनट हुई बातचीत

बलजीत यादव से जेल में मिलने गए तसींग क्षेत्र के निर्वतमान सरपंच प्रतिनिधि संदीप यादव के मुताबिक शुक्रवार को उनकी करीब 20 मिनट बातचीत हुई। संदीप का दावा है कि बलजीत यादव ने उनसे कहा कि जिस बैरक में वे रहते हैं, वहां उनके सामने कोई तलाशी नहीं ली गई थी और उनके पास से कोई मोबाइल बरामद नहीं हुआ। उन्होंने यह भी दावा किया कि मामला राजनीतिक दबाव में दर्ज किया गया है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।

DGP और जेल DG से CCTV जांच की मांग

बलजीत यादव की ओर से पुलिस महानिदेशक और जेल महानिदेशक को पत्र भेजकर पूरे घटनाक्रम की CCTV फुटेज की जांच कराने की मांग की गई है। उनके समर्थकों का दावा है कि CCTV फुटेज से यह स्पष्ट हो सकता है कि मोबाइल कहां से मिला और तलाशी के समय बलजीत यादव कहां मौजूद थे। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी ओर से यह भी दावा किया गया है कि कथित बरामदगी के समय वे जेल अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए गए हुए थे।

जेल प्रशासन का दावा- कंबल के नीचे मिला मोबाइल

दूसरी ओर जेल प्रशासन का पक्ष बिल्कुल अलग है। अधिकारियों का कहना है कि 9 सितंबर को वार्ड नंबर 5 में तलाशी अभियान चलाया गया था और बलजीत यादव के पास से मोबाइल फोन, बैटरी और सिम कार्ड बरामद हुए। इसी आधार पर लालकोठी थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि मोबाइल जेल के अंदर कैसे पहुंचा और उससे किन लोगों से संपर्क किया गया।

दोनों पक्षों के दावे आमने-सामने

अब मामला सीधे तौर पर दो अलग-अलग दावों के बीच खड़ा है। जेल प्रशासन मोबाइल को बलजीत यादव के कब्जे से बरामद करने की बात कह रहा है, जबकि पूर्व विधायक इसे झूठा मामला बता रहे हैं। ऐसे में CCTV फुटेज, जेल रिकॉर्ड और अन्य बंदियों व कर्मचारियों के बयान जांच में अहम हो सकते हैं। बलजीत यादव फिलहाल विधायक निधि से जुड़े कथित अनियमितता के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। उनके खिलाफ आरोपों की जांच चल रही है और इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच व न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।