करणी सेना का निकाय चुनाव में बड़ा ऐलान, BJP-कांग्रेस दोनों से दूरी की अपील; महिपाल मकराना बोले- निर्दलीयों को दें मौका

राजस्थान निकाय चुनाव के बीच करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने BJP और कांग्रेस उम्मीदवारों को वोट नहीं देने की अपील की है। उन्होंने UGC बिल के विरोध में खड़े निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन देने की बात कही।

करणी सेना का निकाय चुनाव में बड़ा ऐलान, BJP-कांग्रेस दोनों से दूरी की अपील; महिपाल मकराना बोले- निर्दलीयों को दें मौका

राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के बीच करणी सेना ने ऐसा राजनीतिक संदेश दिया है, जिसने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है। राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने मतदाताओं से भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवारों को वोट नहीं देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जो उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं और यूजीसी बिल के विरोध में उनके साथ खड़े हैं, उन्हें समर्थन दिया जाना चाहिए।

नामांकन वापसी के आखिरी दिन नागौर में करणी सेना और समर्थकों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के प्रस्तावित यूजीसी बिल का विरोध किया गया और इसे वापस लेने की मांग उठाई गई। प्रदर्शन के दौरान मकराना ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों के खिलाफ अपना रुख साफ किया।

यूजीसी बिल को लेकर कई महीनों से आंदोलन का दावा

महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि यूजीसी बिल को लेकर सवर्ण समाज के संगठन पिछले कई महीनों से विरोध कर रहे हैं। उनके मुताबिक, इस मुद्दे को लेकर देशभर में आंदोलन किया गया है और करणी सेना लगातार सरकार से बिल वापस लेने की मांग कर रही है।

मकराना का आरोप है कि प्रस्तावित प्रावधानों से सवर्ण समाज के विद्यार्थियों के सामने भविष्य में परेशानियां खड़ी हो सकती हैं। उन्होंने दावा किया कि इसी आशंका को लेकर संगठन लगातार सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।

'काला कानून वापस लेना होगा'

नागौर में प्रदर्शन के दौरान महिपाल सिंह मकराना ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए यूजीसी बिल को लेकर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि संगठन इस मुद्दे को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है और सरकार को उनकी मांग पर विचार करना होगा।

मकराना ने दावा किया कि करणी सेना ने इस मुद्दे को लेकर देशभर में लंबी यात्रा और जनसंपर्क अभियान भी किया है। उनका कहना है कि संगठन अपने बच्चों और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहा है।

निकाय चुनाव में BJP-कांग्रेस के खिलाफ वोट की अपील

प्रदर्शन के दौरान महिपाल सिंह मकराना ने निकाय चुनाव को लेकर भी करणी सेना की रणनीति स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा कि संगठन बीजेपी और कांग्रेस दोनों के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों का समर्थन नहीं करेगा।

उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि जो उम्मीदवार निर्दलीय चुनाव मैदान में हैं और यूजीसी बिल के मुद्दे पर करणी सेना के साथ खड़े हैं, उन्हें समर्थन दिया जाए।

मकराना ने कहा कि करणी सेना केवल निकाय चुनाव तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आने वाले चुनावों में भी बीजेपी और कांग्रेस के खिलाफ अपना रुख कायम रखेगी।

मेयर, चेयरमैन और पार्षद चुनाव पर भी असर की कोशिश

करणी सेना की इस अपील का सीधा असर स्थानीय निकाय चुनाव के समीकरणों पर पड़ सकता है। संगठन ने संकेत दिया है कि वह उन निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन देने की कोशिश करेगा, जो उसके प्रमुख मुद्दों के साथ खड़े हैं।

निकाय चुनाव में पार्षदों के साथ-साथ आगे चलकर नगर निकायों के नेतृत्व का चुनाव भी महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में निर्दलीय उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील स्थानीय स्तर पर राजनीतिक दलों के लिए चुनौती बन सकती है।

नागौर में प्रदर्शन से चुनावी माहौल गरमाया

नामांकन वापसी के अंतिम दिन नागौर एसडीएम कार्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन ने चुनावी सरगर्मी के बीच करणी सेना की सक्रियता को सामने ला दिया। एक तरफ प्रमुख राजनीतिक दल अपने प्रत्याशियों को जिताने के लिए रणनीति बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर करणी सेना ने दोनों बड़े दलों से दूरी बनाने की अपील कर अलग राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।

अब देखना होगा कि करणी सेना की यह अपील निकाय चुनाव में मतदाताओं के बीच कितना असर डालती है और निर्दलीय उम्मीदवारों को इसका कितना फायदा मिलता है। फिलहाल संगठन के इस ऐलान के बाद नागौर समेत राजस्थान की निकाय चुनावी रा

जनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।