Rajasthan News: राजस्थान के 300 से ज्यादा धार्मिक स्थलों का होगा कायाकल्प, भजनलाल सरकार ने तैयार किया बड़ा प्लान

राजस्थान में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भजनलाल सरकार 300 से अधिक धार्मिक स्थलों का संरक्षण, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण करेगी। 148 धार्मिक स्थलों के विकास के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी हो चुकी है।

Rajasthan News: राजस्थान के 300 से ज्यादा धार्मिक स्थलों का होगा कायाकल्प, भजनलाल सरकार ने तैयार किया बड़ा प्लान

राजस्थान में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रदेश की धार्मिक विरासत को संरक्षित करने के लिए भजनलाल सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है। इसके तहत प्रदेश के 300 से अधिक धार्मिक स्थलों का संरक्षण, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।

सरकार की ओर से अब तक 148 धार्मिक स्थलों के विकास के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की जा चुकी है। इसके अलावा अलग-अलग वित्तीय वर्षों में धार्मिक स्थलों के विकास की घोषणाएं भी की गई हैं।

148 धार्मिक स्थलों के लिए 100 करोड़ की मंजूरी

धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर सरकार चरणबद्ध तरीके से काम कर रही है। 148 धार्मिक स्थलों के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।

इन परियोजनाओं में धार्मिक स्थलों का संरक्षण, जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण शामिल है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

तीन साल में सैकड़ों धार्मिक स्थल विकास से जुड़े

सरकार की ओर से वर्ष 2024-25 में 39 धार्मिक स्थलों के विकास की घोषणा की गई थी। इसके बाद वर्ष 2025-26 में 278 धार्मिक स्थलों को विकास कार्यों से जोड़ने की घोषणा हुई।

वहीं, वर्ष 2026-27 में 16 धार्मिक स्थलों के कायाकल्प की घोषणा की गई है। अब इन कार्यों की क्रियान्विति पर सरकार का फोकस है।

प्रमुख धार्मिक स्थल भी विकास योजनाओं में शामिल

सरकार की योजना सिर्फ मंदिरों के सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं है। धार्मिक स्थलों पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित करने और इन स्थानों को पर्यटन की दृष्टि से तैयार करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

कैलादेवी, गोगाजी मंदिर गोगामेड़ी, रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश मंदिर, तनोट माता और रामदेवरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी विकास योजनाओं से जोड़ा गया है।

धार्मिक पर्यटन से रोजगार और कारोबार को बढ़ावा

सरकार का मानना है कि धार्मिक स्थलों के विकास से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। बेहतर सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विकास से इन स्थानों पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

इसका फायदा स्थानीय स्तर पर होटल, परिवहन, प्रसाद, हस्तशिल्प और अन्य कारोबार से जुड़े लोगों को मिल सकता है। इससे स्थानीय रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है।