डीडवाना में किसानों का फूटा गुस्सा: बैरिकेड्स तोड़ कलेक्टर ऑफिस पहुंची भीड़, ₹82.55 लाख भुगतान की मांग
डीडवाना-कुचामन में विधायक मुकेश भाकर के नेतृत्व में किसानों का प्रदर्शन हुआ। बाडेला केंद्र पर मूंग के 82.55 लाख रुपये बकाया भुगतान समेत 7 मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
डीडवाना-कुचामन में किसानों और आम लोगों की विभिन्न समस्याओं को लेकर बुधवार को बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। लाडनूं विधायक मुकेश भाकर के नेतृत्व में सैकड़ों किसान और समर्थक डीडवाना जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान मूंग तुलाई के बकाया भुगतान का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। कुछ समय के लिए प्रदर्शन ने तनावपूर्ण रूप ले लिया और आक्रोशित लोगों ने पुलिस की ओर से लगाए गए बैरिकेड्स तोड़कर कलेक्टर कार्यालय परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की।
स्थिति को देखते हुए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। हालात बिगड़ने की आशंका के बीच वाटर कैनन का इस्तेमाल करने की तैयारी भी की गई, लेकिन बातचीत शुरू होने के बाद स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आ गई। इसके बाद विधायक मुकेश भाकर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर किसानों और क्षेत्र के लोगों की समस्याओं से जुड़ा ज्ञापन सौंपा।
मूंग का भुगतान बना प्रदर्शन की सबसे बड़ी वजह
प्रदर्शन में किसानों ने बाडेला खरीद केंद्र पर मूंग तुलाई के बाद लंबित भुगतान का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। किसानों की ओर से दिए गए ज्ञापन के अनुसार बाडेला खरीद केंद्र पर 941.5 क्विंटल मूंग की तुलाई हुई थी, लेकिन संबंधित किसानों को करीब एक महीने बाद भी भुगतान नहीं मिला है।
किसानों का दावा है कि कुल 82 लाख 55 हजार 72 रुपये की राशि अभी बकाया है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि लंबित भुगतान को बिना किसी और देरी के किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाए। किसानों का कहना है कि फसल बेचने के बाद भुगतान अटकने से उनकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है और खेती से जुड़े अगले खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा 7 सूत्रीय मांग पत्र
विधायक मुकेश भाकर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इसमें किसानों के साथ-साथ क्षेत्र के आम लोगों से जुड़ी कई समस्याओं को शामिल किया गया।
किसानों ने वर्ष 2023 से 2026 के बीच हुए फसल खराबे का उचित मुआवजा जल्द जारी करने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि प्राकृतिक कारणों से फसल खराब होने के बाद किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, ऐसे में मुआवजे में देरी उनकी परेशानी और बढ़ा रही है।
सरकारी स्कूलों में खाली पद भरने की मांग
प्रदर्शन के दौरान शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से खाली पड़े शिक्षक और अन्य कर्मचारियों के पदों को जल्द भरने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ नहीं होने का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और स्कूलों के दैनिक कामकाज पर पड़ रहा है। इसलिए रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरने की मांग की गई।
बिजली-पानी की समस्या का स्थायी समाधान
इलाके में बिजली और पेयजल से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी लोगों ने प्रशासन के सामने अपनी बात रखी। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता को बेहतर बनाने के लिए ग्राम खोखरी और शहरिया बास में पानी की टंकी बनाने की मांग की गई।
लोगों का कहना है कि गर्मी और बारिश के मौसम में पानी से जुड़ी समस्याएं और ज्यादा बढ़ जाती हैं। ऐसे में केवल अस्थायी व्यवस्था के बजाय स्थायी समाधान की जरूरत है।
जंगली सुअरों से फसलों को बचाने की मांग
किसानों ने खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे जंगली और आवारा सुअरों पर नियंत्रण की मांग भी उठाई। किसानों के अनुसार खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचने से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है।
किसानों ने प्रशासन से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने और फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
कानून व्यवस्था को लेकर भी उठाए सवाल
प्रदर्शन में क्षेत्र में बढ़ रही चोरी, डकैती, नशे के कारोबार और महिला अपराधों को लेकर भी चिंता जताई गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस-प्रशासन से कानून व्यवस्था मजबूत करने और आम लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की मांग की।
लोगों का कहना था कि अपराधों पर प्रभावी रोक नहीं लगने से आम जनता में चिंता का माहौल है। इसलिए पुलिस गश्त और कार्रवाई को और मजबूत करने की जरूरत है।
विधायक मुकेश भाकर ने प्रशासन पर लगाए अनदेखी के आरोप
प्रदर्शन के दौरान विधायक मुकेश भाकर ने प्रशासन पर किसानों और आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि यदि लोगों की शिकायतों और मांगों पर समय रहते कार्रवाई होती तो उन्हें कलेक्टर कार्यालय तक प्रदर्शन करने के लिए नहीं आना पड़ता।
विधायक के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से स्पष्ट तौर पर मांग की कि किसानों के भुगतान, फसल खराबे के मुआवजे, बिजली-पानी, शिक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जल्द कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर से मुलाकात के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
कलेक्टर कार्यालय के बाहर प्रदर्शन और कुछ समय तक चले तनाव के बाद विधायक मुकेश भाकर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम 7 सूत्रीय मांग पत्र और मूंग तुलाई के लंबित भुगतान से संबंधित विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
जिला कलेक्टर की ओर से मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए उचित कार्रवाई और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
फिलहाल डीडवाना में हुए इस प्रदर्शन के बाद किसानों की सबसे बड़ी नजर बाडेला खरीद केंद्र के लंबित 82.55 लाख रुपये के भुगतान पर है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस भुगतान और अन्य मांगों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।

