बारिश से बेहाल उत्तर प्रदेश, 32 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा; स्कूल-कॉलेज बंद, तेज हवाओं की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है। 32 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा है, जबकि कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद किए गए हैं।

बारिश से बेहाल उत्तर प्रदेश, 32 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा; स्कूल-कॉलेज बंद, तेज हवाओं की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले मौसम ने एक बार फिर खतरनाक करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। बारिश के साथ तेज हवाओं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली का भी खतरा बना हुआ है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने कई जिलों में स्कूल और अन्य शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश दिए हैं। वहीं प्रदेश के 32 जिलों में फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ का खतरा जताया गया है।

राजधानी लखनऊ में बारिश का असर सबसे ज्यादा दिखाई दे रहा है। गुरुवार शाम से शुक्रवार तक शहर में लगातार बारिश हुई और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। लखनऊ एयरपोर्ट मौसम केंद्र पर शुक्रवार सुबह 8:30 बजे से रात 8:30 बजे के बीच करीब 86.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 26 सितंबर को भी लखनऊ में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है।

प्रदेश में बारिश का दायरा सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में 26 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, फतेहपुर, प्रतापगढ़, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर और अयोध्या समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। कई इलाकों में तेज हवा और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना हुआ है।

बारिश के कारण निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। मौसम से जुड़ी चेतावनियों में प्रदेश के 32 जिलों में आकस्मिक बाढ़ की आशंका जताई गई है। इनमें पूर्वांचल और अवध के कई जिले शामिल हैं। लगातार बारिश होने की स्थिति में नदियों का जलस्तर बढ़ने, निचले इलाकों में पानी भरने और ग्रामीण रास्तों के प्रभावित होने का खतरा है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और लोगों से जलभराव वाले स्थानों व नदियों के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है।

भारी बारिश के कारण स्कूल-कॉलेज बंद

मौसम के बिगड़े हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रेड अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों को सतर्क रहने और शनिवार, 26 सितंबर, को स्कूल बंद रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में मौके पर मौजूद रहने, राहत व्यवस्था तैयार रखने और जर्जर मकानों या असुरक्षित स्थानों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को भी कहा गया है।

लखनऊ समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है। भारी बारिश के कारण कुछ जिलों में कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों को भी बंद रखा गया है। लखनऊ, कानपुर, बरेली, गोंडा, अमेठी, बलरामपुर, कानपुर देहात और शाहजहांपुर में कॉलेज बंद किए जाने की सूचना सामने आई है।

सुल्तानपुर में भी जिला प्रशासन ने शनिवार को सभी स्कूलों में शिक्षण कार्य स्थगित रखने का आदेश जारी किया है। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी स्कूल-कॉलेज की छुट्टी से संबंधित आदेश दर्ज किया गया है।

27 सितंबर तक बना रह सकता है बारिश का असर

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बारिश का यह दौर 27 सितंबर तक कई इलाकों में जारी रह सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में शनिवार को बारिश की तीव्रता ज्यादा रहने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में हवा के झोंके सामान्य 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक तेज हो सकते हैं।

लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। जलभराव वाले रास्तों से वाहन निकालने से पहले पानी की गहराई का अंदाजा लगाने और मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखने को कहा गया है। उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की आपदा हेल्पलाइन 1070 भी उपलब्ध है।