किशनगढ़ के मार्बल उद्योग जगत में शोक! 97 साल के कंवरलाल पाटनी का निधन, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
किशनगढ़ के प्रसिद्ध मार्बल उद्योगपति और समाजसेवी कंवरलाल पाटनी का 97 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए।
राजस्थान के किशनगढ़ के जाने-माने मार्बल उद्योगपति और समाजसेवी कंवरलाल पाटनी का 97 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे प्रसिद्ध मार्बल उद्योगपति अशोक पाटनी के पिता थे। उनके निधन की खबर से किशनगढ़ में शोक की लहर फैल गई। रविवार सुबह उनके अंतिम दर्शनों और अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधि, उद्योग जगत से जुड़े लोग और सामाजिक कार्यकर्ता उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे। शोक के चलते किशनगढ़ के बाजार भी बंद रहे।
आरके हाउस से मुक्तिधाम तक निकली अंतिम यात्रा
कंवरलाल पाटनी के अंतिम दर्शन के लिए रविवार सुबह किशनगढ़ स्थित आरके हाउस पर लोगों की भीड़ जुटी। परिवार के सदस्यों, परिचितों, शुभचिंतकों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद आरके हाउस से मुक्तिधाम तक अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
अंतिम यात्रा के दौरान शहर में शोक का माहौल रहा। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सांसद भागीरथ चौधरी सहित कई प्रमुख लोग भी अंतिम विदाई देने पहुंचे। मुक्तिधाम पहुंचने के बाद धार्मिक रीति-रिवाजों और विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।

उद्योग जगत से लेकर आम लोगों तक ने दी श्रद्धांजलि
कंवरलाल पाटनी के निधन पर उद्योग जगत, सामाजिक क्षेत्र और राजनीतिक हलकों से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया। अंतिम दर्शनों के लिए पहुंचे लोगों में उद्योगपति, सामाजिक कार्यकर्ता और लंबे समय से परिवार से जुड़े परिचित शामिल थे।
उनके निधन से पाटनी परिवार के साथ किशनगढ़ के उन लोगों में भी शोक है, जो उन्हें सामाजिक और पारिवारिक संबंधों के माध्यम से जानते थे। अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ उनके प्रति लोगों के सम्मान और जुड़ाव को दर्शाती रही।
समाजसेवा और जनकल्याण के कार्यों के लिए थे चर्चित
कंवरलाल पाटनी को समाजसेवा, जनकल्याण और जरूरतमंदों की सहायता से जुड़े कार्यों के लिए जाना जाता था। उनके परिचितों के अनुसार, उन्होंने अपने जीवन में परिवार की जिम्मेदारियों के साथ सामाजिक सरोकारों को भी महत्व दिया। यही वजह रही कि उनके निधन की खबर के बाद बड़ी संख्या में लोग शोक जताने और अंतिम दर्शन करने पहुंचे।
उनके बेटे अशोक पाटनी राजस्थान के मार्बल उद्योग जगत की जानी-मानी हस्तियों में शामिल हैं। ऐसे में कंवरलाल पाटनी के निधन को किशनगढ़ के उद्योग जगत और सामाजिक परिवेश के लिए एक दुखद घटना के रूप में देखा जा रहा है।
अशोक गहलोत और भागीरथ चौधरी ने जताया शोक
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अजमेर से सांसद भागीरथ चौधरी ने भी कंवरलाल पाटनी के निधन पर सोशल मीडिया के माध्यम से संवेदनाएं व्यक्त की थीं। रविवार को दोनों नेता अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए किशनगढ़ पहुंचे और दिवंगत को श्रद्धांजलि दी।
कंवरलाल पाटनी की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ और बाजारों के बंद रहने से शहर में पसरे शोक का अंदाजा लगाया जा सकता है। 97 वर्ष की आयु में उनके निधन से पाटनी परिवार ने अपना एक वरिष्ठ सदस्य खो दिया, वहीं उनके परिचितों और शुभचिंतकों ने भी उन्हें भावभीनी विदाई दी।

