उदयपुर 2 करोड़ घूसकांड: ASP के रीडर जसवंत राव की तलाश, 272 प्लॉट मामले में ACB जांच तेज

2 करोड़ रुपये के कथित रिश्वत मामले में ASP मुकेश सोनी और सज्जन सिंह जैन की गिरफ्तारी के बाद रीडर जसवंत राव की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं।

उदयपुर 2 करोड़ घूसकांड: ASP के रीडर जसवंत राव की तलाश, 272 प्लॉट मामले में ACB जांच तेज

उदयपुर के चर्चित 272-प्लॉट प्रकरण से जुड़े कथित ₹2 करोड़ रिश्वत मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई के बाद SOG के एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी और कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन की गिरफ्तारी के साथ अब जांच की दिशा उनसे जुड़े अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की ओर भी बढ़ रही है।

मामले में ASP के रीडर जसवंत राव का नाम भी सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जांच के दौरान घर से लिए गए कुछ दस्तावेज, हस्ताक्षरित खाली चेक, चेकबुक, CCTV DVR और अन्य सामान को औपचारिक रूप से जब्ती रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया गया और कथित तौर पर ASP तथा उनके रीडर जसवंत राव के पास रखा गया। ACB अब इन दस्तावेजों और पूरे घटनाक्रम की कड़ियों की जांच कर रही है।

रीडर जसवंत राव की भूमिका पर सवाल

मामले से जुड़ी जानकारियों के अनुसार, जसवंत राव SOG के एडिशनल एसपी के रीडर के रूप में कार्यरत था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और हस्ताक्षरित खाली चेक उसके पास भी रहे।

अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से होना था और क्या उनका कथित रिश्वत की मांग से कोई सीधा संबंध था।

कुछ स्थानीय रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जसवंत राव 26 सितंबर के बाद से कार्यालय में नजर नहीं आया और उसका मोबाइल भी बंद है। हालांकि इस विशेष दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

खाली चेक और दस्तावेज बने जांच का अहम हिस्सा

शिकायतकर्ता के अनुसार, जांच के दौरान घर से तीन हस्ताक्षरित खाली चेक, चेकबुक, कई प्लॉटों से संबंधित दस्तावेज, CCTV DVR और अन्य सामान लिया गया था।

आरोप है कि इन वस्तुओं को विधिवत जब्ती रिकॉर्ड में शामिल नहीं किया गया। ACB अब यह जांच रही है कि इन दस्तावेजों और चेक को अपने पास रखने का उद्देश्य क्या था और क्या इनका इस्तेमाल शिकायतकर्ता पर दबाव बनाने या कथित रिश्वत सौदे में किया जाना था।

करोड़ की रिश्वत मांगने का आरोप

ACB के मुताबिक, यह मामला उस शिकायत के बाद सामने आया जिसमें आरोप लगाया गया कि 272-प्लॉट प्रकरण में राहत देने, नए मामलों में आरोपी नहीं बनाने और जब्त दस्तावेज वापस करने के बदले ₹2 करोड़ की रिश्वत मांगी गई।

ACB ने कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन को ट्रैप कार्रवाई में पकड़ा। इसके बाद SOG के एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी को भी गिरफ्तार किया गया।

एजेंसी अब दोनों से पूछताछ के साथ मोबाइल फोन, CCTV फुटेज, दस्तावेजों और शिकायत में बताए गए लेन-देन से जुड़े अन्य सबूतों की पड़ताल कर रही है।

क्या है उदयपुर का 272-प्लॉट मामला?

यह मामला उदयपुर नगर निगम से जुड़े 272 भूखंडों में कथित अनियमितताओं से संबंधित है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इसमें आवंटन पत्र, कब्जा पत्र, प्लॉट से जुड़े दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड में कथित फर्जीवाड़े की जांच की जा रही है।

आरोप है कि कुछ मामलों में जाली दस्तावेजों के आधार पर पट्टे जारी कराने की कोशिश की गई। मामले की जांच SOG कर रही थी और इसी दौरान शिकायतकर्ता तथा उसके परिवार के सदस्यों से जुड़े मामलों में कथित रूप से राहत देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप सामने आया।

ASP मुकेश सोनी और बिचौलिए की गिरफ्तारी

ACB ने पहले कथित बिचौलिए सज्जन सिंह जैन को रिश्वत की रकम स्वीकार करते हुए पकड़ा। जांच आगे बढ़ने पर SOG के एडिशनल एसपी मुकेश कुमार सोनी को भी गिरफ्तार किया गया।

ACB इस बात की जांच कर रही है कि रिश्वत की कथित मांग किस स्तर पर तय हुई, इसमें और कौन-कौन शामिल था और क्या 272-प्लॉट केस की जांच को प्रभावित करने की कोई कोशिश की गई थी।

ACB की जांच में आगे क्या?

जांच एजेंसी अब मोबाइल डेटा, CCTV फुटेज, दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और जब्त सामग्री की जांच कर रही है। रीडर जसवंत राव की भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।

आने वाले दिनों में जांच के आधार पर और लोगों से पूछताछ या नई गिरफ्तारी संभव है। फिलहाल मामले से जुड़े सभी आरोप जांच के दायरे में हैं और अंतिम निष्कर्ष अदालत तथा जांच एजेंसी की आगे की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।