Jhunjhunu Accident: झुंझुनूं में करंट से 8 मजदूरों की मौत, 11 KV लाइन से टकराई मशीन
Rajasthan Jhunjhunu Accident: छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान मिक्सर मशीन 11 KV हाईटेंशन लाइन से टकराई। करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत, जांच जारी।
झुंझुनूं में दर्दनाक हादसा: 11 हजार वोल्ट की लाइन से टकराई निर्माण मशीन, करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने आठ मजदूरों की जान ले ली। छापोली गांव में सड़क निर्माण के दौरान रोड़ी और सीमेंट मिलाने वाली मशीन 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गई। मशीन में अचानक करंट फैलने से वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है।
सड़क निर्माण के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सोमवार, 2 नवंबर 2026 को छापोली गांव से कदम कुंड की ओर जाने वाले रास्ते पर सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था। निर्माण स्थल पर मजदूर रोड़ी और सीमेंट मिलाने वाली मशीन की सहायता से काम कर रहे थे।
इसी दौरान मशीन का हिस्सा ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। बिजली लाइन से संपर्क होते ही मशीन में करंट फैल गया और आसपास काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।
हादसा इतनी तेजी से हुआ कि मजदूरों को संभलने का अवसर तक नहीं मिला। घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
पहले पांच मजदूरों की मौत की सूचना, बाद में मृतकों का आंकड़ा आठ पहुंचा
हादसे के बाद शुरुआती रिपोर्टों में पांच मजदूरों की मौत और तीन के गंभीर रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में आई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गंभीर रूप से झुलसे तीन अन्य मजदूरों की भी मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या आठ पहुंच गई।
घटना के तुरंत बाद घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में घायलों की संख्या को लेकर अंतर है। ऐसे में मृतकों और घायलों की अंतिम संख्या के संबंध में प्रशासनिक पुष्टि का इंतजार है।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर जुटे ग्रामीण
हादसे की सूचना मिलते ही छापोली और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। एक साथ इतने मजदूरों की मौत की खबर से इलाके में शोक फैल गया।
घटना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी भी देखने को मिली। ग्रामीणों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठाए हैं। हादसे के बाद धरना-प्रदर्शन की भी जानकारी सामने आई है।
हाईटेंशन लाइन के नीचे निर्माण कार्य कैसे चल रहा था?
इस हादसे के बाद निर्माण स्थल पर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस स्थान पर सड़क निर्माण चल रहा था, वहां से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन के आसपास मशीन संचालन के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए गए थे या नहीं।
क्या निर्माण कार्य शुरू करने से पहले बिजली लाइन की ऊंचाई और मशीन की सुरक्षित दूरी की जांच की गई थी? क्या काम के दौरान बिजली आपूर्ति बंद कराने की आवश्यकता का आकलन किया गया था? क्या मजदूरों को हाईटेंशन लाइन से जुड़े संभावित खतरों की जानकारी दी गई थी?
इन सभी सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे। फिलहाल किसी विभाग, ठेकेदार या व्यक्ति की लापरवाही को आधिकारिक रूप से जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने ली हादसे की जानकारी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी पूरे मामले की जानकारी ली है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को हादसे के संबंध में प्रारंभिक जानकारी दी गई है।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के सक्रिय होने की जानकारी भी सामने आई है। हादसे के वास्तविक कारणों, घटनाक्रम और निर्माण स्थल पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
झुंझुनूं का यह हादसा निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों के महत्व को एक बार फिर सामने लाता है। विशेष रूप से बिजली की हाईटेंशन लाइनों के आसपास मशीनों से काम करते समय अतिरिक्त सतर्कता जरूरी होती है।
निर्माण कार्य के दौरान बिजली की लाइन से निर्धारित सुरक्षित दूरी बनाए रखना, काम शुरू करने से पहले जोखिम का आकलन करना और आवश्यक होने पर विद्युत विभाग से समन्वय करना दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं।
छापोली की घटना में इन सावधानियों का पालन किया गया था या नहीं, इसका खुलासा जांच के बाद होगा।
फिलहाल आठ मजदूरों की मौत से छापोली सहित पूरे उदयपुरवाटी क्षेत्र में शोक का माहौल है। अब सभी की नजरें प्रशासनिक जांच और इस हादसे के लिए जिम्मेदारी तय किए जाने पर टिकी हैं।
Nitesh 
