जयपुर SMS अस्पताल में मेडिकल उपलब्धि! 5 साल से परेशानी झेल रहे मरीज की सर्जरी, गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजा मामला
जयपुर SMS अस्पताल में 62 वर्षीय मरीज की अंडकोष के पास बनी 153×140×80 मिमी की बड़ी गांठ की जटिल सर्जरी की गई। मामला गिनीज रिकॉर्ड के लिए भेजा गया है।
राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक मरीज की जटिल सर्जरी कर अंडकोष के पास बनी बड़ी गांठ को निकालने में सफलता हासिल की है। दौसा निवासी 62 वर्षीय जंगली राम मीणा पिछले करीब पांच साल से इस समस्या से परेशान थे। गांठ का आकार काफी बड़ा होने के कारण उन्हें इलाज कराने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। आखिरकार SMS अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग की टीम ने ऑपरेशन कर गांठ को बाहर निकाला। अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में सुधार हुआ और उन्हें निगरानी के बाद छुट्टी दे दी गई।
इस मामले की खास बात यह है कि निकाली गई गांठ का आकार लगभग 153 × 140 × 80 मिलीमीटर बताया गया है। डॉक्टरों की टीम ने इस सर्जरी के विवरण को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए भेजा है। हालांकि, रिकॉर्ड में इसकी आधिकारिक स्वीकृति की पुष्टि होना अभी बाकी है।
पांच साल से परेशान थे मरीज, कई अस्पतालों में नहीं मिला ऑपरेशन का विकल्प
जानकारी के अनुसार, दौसा के रहने वाले जंगली राम मीणा पिछले पांच वर्षों से अंडकोष के पास बढ़ रही गांठ से परेशान थे। समय के साथ इसका आकार इतना बढ़ गया कि सामान्य जीवन और इलाज दोनों चुनौतीपूर्ण हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक, गांठ के बड़े आकार और सर्जरी की जटिलता के कारण दूसरे अस्पतालों में भी ऑपरेशन को लेकर परेशानी सामने आई।
इसके बाद मरीज ने जयपुर के SMS अस्पताल में डॉक्टरों से संपर्क किया। यहां जनरल सर्जरी विभाग की टीम ने उनकी जांच की और आवश्यक परीक्षणों के बाद ऑपरेशन का निर्णय लिया।
7 अक्टूबर को हुई सर्जरी, जांच के बाद निकाली गई गांठ
SMS अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज की जांच के दौरान गांठ का आकार लगभग 153 × 140 × 80 मिलीमीटर पाया। इसके बाद 7 अक्टूबर 2026 को ऑपरेशन किया गया। सर्जरी जनरल सर्जरी विभाग की टीम ने की।
इस ऑपरेशन में डॉ. नरेंद्र शर्मा, डॉ. मोहम्मद साहिद, डॉ. ऐश्वर्या और डॉ. आशीष भारद्वाज सहित चिकित्सा टीम के सदस्यों ने भूमिका निभाई। एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. कंचन चौहान और डॉ. सुनील चौहान ने सहयोग किया। नर्सिंग स्टाफ कमलेश और हिम्मत सिंह भी इस प्रक्रिया का हिस्सा रहे।
डॉक्टरों के मुताबिक, गांठ के आकार को देखते हुए यह एक चुनौतीपूर्ण मामला था। ऑपरेशन के बाद मरीज को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया, ताकि उसकी स्थिति और रिकवरी पर नजर रखी जा सके।
क्या होती है एपिडिडिमल सिस्ट?
रिपोर्ट में गांठ को एपिडिडिमल सिस्ट बताया गया है। एपिडिडिमिस एक नलीनुमा संरचना होती है, जो अंडकोष के पीछे स्थित रहती है और शुक्राणुओं के परिवहन तथा उनके परिपक्व होने की प्रक्रिया में भूमिका निभाती है। इस क्षेत्र में तरल पदार्थ से भरी थैली विकसित हो सकती है, जिसे एपिडिडिमल सिस्ट कहा जाता है।
ऐसी सिस्ट कई बार छोटी होती हैं और किसी विशेष उपचार की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन यदि गांठ का आकार बढ़ने लगे, दर्द हो, भारीपन महसूस हो या रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। हर गांठ एपिडिडिमल सिस्ट ही हो, यह जरूरी नहीं है। सही पहचान के लिए चिकित्सकीय परीक्षण और जरूरत पड़ने पर अल्ट्रासाउंड जैसी जांच की जाती है।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजा गया सर्जरी का विवरण
SMS अस्पताल के जनरल सर्जरी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नरेंद्र शर्मा के अनुसार, गांठ के असामान्य रूप से बड़े आकार को देखते हुए सर्जरी का विवरण गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए भेजा गया है। डॉक्टरों का दावा है कि यह इस तरह की असाधारण सर्जरी का महत्वपूर्ण मामला है।
हालांकि, किसी ऑपरेशन को रिकॉर्ड में शामिल किए जाने के लिए संबंधित संस्था की जांच और आधिकारिक मंजूरी जरूरी होती है। इसलिए जब तक गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर से पुष्टि नहीं होती, तब तक इसे आधिकारिक विश्व रिकॉर्ड के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
एक सप्ताह निगरानी में रहे मरीज, अब स्वास्थ्य में सुधार
ऑपरेशन के बाद जंगली राम मीणा को लगभग एक सप्ताह तक अस्पताल में निगरानी में रखा गया। उनकी स्थिति का आकलन करने के बाद छुट्टी दे दी गई। डॉक्टरों ने उन्हें नियमित जांच के लिए भी बुलाया, ताकि सर्जरी के बाद स्वास्थ्य में सुधार का जायजा लिया जा सके।
अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, फॉलोअप जांच में मरीज की स्थिति संतोषजनक रही और अब वह स्वस्थ हैं।
अंडकोष में गांठ दिखे तो जांच में देरी न करें
डॉक्टरों की यह सर्जरी एक जटिल मामले के उपचार को लेकर चर्चा में है, लेकिन इससे एक जरूरी स्वास्थ्य संदेश भी मिलता है। अंडकोष में किसी भी तरह की गांठ, सूजन, भारीपन या दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई गांठें सामान्य कारणों से हो सकती हैं, लेकिन कुछ स्थितियों में तुरंत चिकित्सकीय जांच जरूरी होती है।
यदि अचानक तेज दर्द या सूजन हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। समय पर जांच से समस्या का कारण समझने और उचित उपचार तय करने में मदद मिलती है।
जयपुर के SMS अस्पताल में किया गया यह ऑपरेशन चिकित्सा टीम के प्रयासों का उल्लेखनीय उदाहरण है। अब इस मामले के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।

