दादा-पिता के बाद अब पोता बना चेयरमैन, नाथद्वारा में परेश सोनी की राजनीतिक विरासत

राजस्थान के नाथद्वारा में भाजपा के परेश सोनी नगरपालिका अध्यक्ष बने हैं। उनके दादा और पिता भी नाथद्वारा नगरपालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं। जानिए परिवार की तीन पीढ़ियों का राजनीतिक सफर।

दादा-पिता के बाद अब पोता बना चेयरमैन, नाथद्वारा में परेश सोनी की राजनीतिक विरासत

राजसमंद जिले की नाथद्वारा नगरपालिका में परेश सोनी ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीतकर परिवार की तीसरी पीढ़ी को राजनीति में आगे बढ़ाया है। उनके दादा और पिता भी नाथद्वारा नगरपालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं।

राजस्थान के राजसमंद जिले की नाथद्वारा नगरपालिका में निकाय चुनाव के बाद एक राजनीतिक परिवार की तीन पीढ़ियों का सफर चर्चा में है। भाजपा के परेश सोनी ने अध्यक्ष पद का चुनाव जीतकर नगरपालिका की कमान संभाली है। इसके साथ ही उनके परिवार की तीसरी पीढ़ी नगरपालिका की राजनीति में अध्यक्ष पद तक पहुंची है।

1961 में दादा ने संभाली थी नगरपालिका की कमान

परेश सोनी के दादा स्वर्गीय गिरधारीलाल सोनी नाथद्वारा की स्थानीय राजनीति में सक्रिय रहे। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने 1961 से 1962 के बीच जनसंघ से जुड़े रहते हुए नगरपालिका अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली थी।

यही दौर परिवार के राजनीतिक सफर की शुरुआत माना जाता है। इसके बाद परिवार की अगली पीढ़ी ने भी स्थानीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।

पिता नवनीत सोनी भी रह चुके हैं नगरपालिका अध्यक्ष

गिरधारीलाल सोनी के बेटे नवनीत सोनी ने भी परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया। वह 1999 से 2004 तक भाजपा के टिकट पर नाथद्वारा नगरपालिका के अध्यक्ष रहे।

इस तरह दादा के बाद पिता ने नगरपालिका की राजनीति में परिवार की मौजूदगी बनाए रखी और अब तीसरी पीढ़ी के तौर पर परेश सोनी अध्यक्ष पद तक पहुंचे हैं।

पार्षद से चेयरमैन तक पहुंचा परेश सोनी का सफर

परेश सोनी का राजनीतिक सफर भी स्थानीय निकाय की राजनीति से शुरू हुआ। वह 2009 से 2014 तक भाजपा के पार्षद रहे। इसके बाद 2014 से 2019 के कार्यकाल में भी पार्षद चुने गए और नगरपालिका उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली।

2019 से 2024 के बीच उन्होंने निर्दलीय पार्षद के तौर पर भी काम किया। 2026 के निकाय चुनाव में वह भाजपा के टिकट पर नाथद्वारा के वार्ड 24 से पार्षद चुने गए। राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार उन्हें वार्ड में 410 वोट मिले और उन्होंने 213 वोट के अंतर से जीत दर्ज की।

अध्यक्ष चुनाव में परेश सोनी को मिले 23 वोट

नाथद्वारा नगरपालिका में कुल 40 पार्षद हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा के परेश सोनी को 23 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी अजय गुर्जर को 17 वोट प्राप्त हुए। चुनाव परिणाम के अनुसार परेश सोनी अध्यक्ष निर्वाचित हुए।

निकाय चुनाव में भाजपा के 20, कांग्रेस के 19 और एक निर्दलीय पार्षद के निर्वाचित होने की जानकारी सामने आई थी। अध्यक्ष चुनाव के अंतिम परिणाम में परेश सोनी को 23 वोट मिले।

परिवार की तीसरी पीढ़ी के हाथ में नगरपालिका की कमान

परेश सोनी के अध्यक्ष बनने के साथ नाथद्वारा नगरपालिका की राजनीति में परिवार की करीब छह दशक से ज्यादा पुरानी राजनीतिक मौजूदगी की अगली कड़ी जुड़ गई है।

दादा गिरधारीलाल सोनी से शुरू हुआ यह सफर पिता नवनीत सोनी के बाद अब परेश सोनी तक पहुंचा है। हालांकि स्थानीय राजनीति में परिवार की पुरानी भूमिका और मौजूदा राजनीतिक समीकरण अलग-अलग दौर में बदलते रहे हैं, लेकिन तीन पीढ़ियों का नगरपालिका अध्यक्ष पद से जुड़ना इस चुनाव का एक प्रमुख पहलू रहा।