टोंक में दूध बेचने निकले युवक की हत्या, सोने की मुरकियां गायब होने से लूट की आशंका; गिरफ्तारी की मांग पर धरने पर परिजन
टोंक के बनेठा थाना क्षेत्र में दूध बेचने निकले 40 वर्षीय राजूलाल गुर्जर की हत्या कर दी गई। दोनों कान कटे मिले और सोने की मुरकियां गायब हैं। पुलिस लूट के एंगल से जांच कर रही है।
राजस्थान के टोंक जिले में सोमवार सुबह एक युवक की हत्या का मामला सामने आने से इलाके में सनसनी फैल गई। बनेठा थाना क्षेत्र में दूध बेचने के लिए घर से निकले 40 वर्षीय राजूलाल गुर्जर का शव सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। सिर पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान थे। उसके दोनों कान भी कटे हुए मिले और सोने की मुरकियां गायब बताई जा रही हैं। शुरुआती जांच में पुलिस लूटपाट के इरादे से हमला किए जाने की आशंका जता रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। युवक को उपचार के लिए टोंक ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया। वे सआदत अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर आरोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी अटकी हुई है।
सुबह दूध बेचने निकला था युवक
उनियारा के डीएसपी अशोक कुमार के अनुसार, राजूलाल गुर्जर (40) पुत्र नेनूलाल गुर्जर धाबाई की झोपड़ियां गांव का निवासी था। वह खेतीबाड़ी के साथ दूध बेचने का काम भी करता था। सोमवार सुबह करीब 6:15 बजे वह रोजाना की तरह बाइक लेकर दूध बेचने के लिए घर से निकला था।
करीब 6:30 बजे उसकी भतीजी और गांव की कुछ अन्य लड़कियां स्कूल जा रही थीं। इसी दौरान उन्हें रास्ते में राजूलाल घायल अवस्था में पड़ा दिखाई दिया। उन्होंने शोर मचाकर आसपास के लोगों को सूचना दी। इसके बाद ग्रामीण और परिजन घटनास्थल पर पहुंचे।
अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
घायल राजूलाल को तत्काल टोंक ले जाने की व्यवस्था की गई, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बाद में पुलिस को सूचना दी गई और शव को सआदत अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक के सिर पर गंभीर चोटें थीं और धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान मिले। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है।
सोने की मुरकियां गायब, लूट के एंगल से जांच
पुलिस के मुताबिक, राजूलाल के दोनों कान कटे हुए मिले। परिजनों की ओर से बताया गया कि वह सोने की मुरकियां पहनता था, जो घटना के बाद गायब हैं। इसी आधार पर पुलिस लूटपाट के इरादे से हमला किए जाने की आशंका की जांच कर रही है।
हालांकि, वारदात के पीछे की असली वजह और आरोपियों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
मौके पर पहुंची पुलिस, DST और FSL टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीएसटी यानी जिला विशेष टीम और एफएसएल यानी फॉरेंसिक साइंस लैब की टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की। आसपास के क्षेत्र से जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि वारदात से जुड़े सुराग मिल सकें।
टोंक डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा ने अस्पताल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि संदिग्ध मौत के मामले में जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन
राजूलाल की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने सआदत अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर विरोध जताया। उनकी मांग है कि पहले आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और परिवार को आर्थिक मुआवजा दिया जाए। पुलिस अधिकारियों की ओर से परिजनों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन फिलहाल पोस्टमार्टम को लेकर सहमति नहीं बन पाई है।
अब पुलिस जांच के साथ-साथ परिजनों की मांगों पर भी सबकी नजर है। वारदात के पीछे की वजह, सोने की मुरकियां गायब होने का मामला और आरोपियों की पहचान जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

