बूंदी अस्पताल में 2 प्रसूताओं की मौत से उठे सवाल, चार सिजेरियन के बाद बिगड़ी तबीयत; जांच तक OT बंद

बूंदी जिला अस्पताल में 16 और 17 सितंबर को सिजेरियन डिलीवरी के बाद चार प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी, जिनमें दो की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले की जांच के लिए दो टीमें गठित की गई हैं और अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर फिलहाल बंद कर दिया गया है।

बूंदी अस्पताल में 2 प्रसूताओं की मौत से उठे सवाल, चार सिजेरियन के बाद बिगड़ी तबीयत; जांच तक OT बंद

बूंदी के जिला अस्पताल में लगातार सामने आई दो प्रसूताओं की मौत की घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला अस्पताल की मातृ एवं शिशु चिकित्सा इकाई का है, जहां 16 और 17 सितंबर को चार महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। ऑपरेशन के बाद चारों की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ा। इनमें से दो महिलाओं की इलाज के दौरान मौत हो गई।

मृतकों की पहचान 32 वर्षीय कविता और 33 वर्षीय वर्षा के रूप में हुई है। दोनों को हालत बिगड़ने के बाद रेफर किया गया था, लेकिन उपचार के दौरान उनकी जान नहीं बच सकी। घटना सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है।

दो दिनों में चार ऑपरेशन, फिर बिगड़ती गई हालत

पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 16 और 17 सितंबर को अस्पताल में कुल चार सिजेरियन प्रसव हुए। प्रसव के बाद सभी चार महिलाओं की तबीयत खराब हुई। इसके बाद उन्हें क्रमशः उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर किया गया।

दो महिलाओं की मौत के बाद अब स्वास्थ्य विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि आखिर प्रसव के बाद मरीजों की हालत एक जैसी क्यों बिगड़ी। शुरुआती जानकारी में यूरिन रुकने और किडनी फेल्योर जैसी स्थिति की आशंका सामने आई है, लेकिन अभी तक मौत की वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 OT पर लगी रोक, सैंपल भी लिए जाएंगे

मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को फिलहाल बंद कर दिया है। जांच पूरी होने और रिपोर्ट आने तक यहां ऑपरेशन नहीं किए जाएंगे। इसके साथ ही सैंपलिंग के लिए टीम अस्पताल भेजी गई है।

जांच का मकसद घटना की पूरी कड़ी को समझना है—सिजेरियन से लेकर ऑपरेशन के बाद मरीजों की हालत बिगड़ने और उन्हें रेफर किए जाने तक किन परिस्थितियों में उपचार हुआ, इसकी पड़ताल की जा रही है।

दो जांच टीमें करेंगी पूरे मामले की पड़ताल

मामले की तह तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने दो उच्च स्तरीय जांच टीमें गठित की हैं। टीमें अस्पताल की व्यवस्थाओं के साथ इलाज की प्रक्रिया और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच करेंगी।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर एच.डी. सिंह ने भी अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकों और स्टाफ से घटनाक्रम की जानकारी ली। प्रशासन की निगाह अब जांच रिपोर्ट पर है।

असली वजह जांच के बाद ही साफ होगी

फिलहाल दो महिलाओं की मौत को लेकर किसी एक कारण को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। शुरुआती तौर पर सामने आई चिकित्सकीय स्थितियों की जांच की जा रही है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि मौत किस वजह से हुई।

अब जांच रिपोर्ट से ही तस्वीर साफ होगी कि चार महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने के पीछे क्या वजह थी और दोनों मौतों के बीच कोई समान कारण था या नहीं। तब तक अस्पताल का OT बंद रखना प्रशासन की ओर से उठाया गया एहतियाती कदम है।