जयपुर में 3,640 छात्रों का सवाल- नई बिल्डिंग तैयार तो शिफ्टिंग कब? कॉलेज गेट पर ताला, क्लास बहिष्कार की चेतावनी
जयपुर के राजकीय महाविद्यालय के छात्रों ने नई बिल्डिंग में शिफ्टिंग की मांग को लेकर प्रदर्शन किया और कॉलेज गेट पर ताला लगा दिया। छात्रों का कहना है कि 3,640 विद्यार्थियों के लिए सिर्फ 6 कमरे उपलब्ध हैं, जबकि नया भवन 2024 में तैयार हो चुका है।
जयपुर में सरकारी कॉलेज के विद्यार्थियों का गुस्सा शुक्रवार को सड़क तक पहुंच गया। जवाहर लाल नेहरू मार्ग स्थित राजकीय महाविद्यालय के छात्रों ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन करते हुए गेट पर ताला लगा दिया। छात्रों का कहना है कि जब पढ़ाई के लिए नया भवन तैयार हो चुका है, तो उन्हें अब भी पुराने और सीमित संसाधनों वाले परिसर में क्यों पढ़ना पड़ रहा है।
विद्यार्थियों के मुताबिक कॉलेज में करीब 3,640 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जबकि नियमित कक्षाओं के लिए महज 6 कमरे उपलब्ध हैं। छात्रों का आरोप है कि एक ही पुरानी बिल्डिंग में पांच अलग-अलग शैक्षणिक संस्थानों और अन्य गतिविधियों का संचालन होने के कारण कक्षाओं की व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है।
2024 में तैयार हुई नई बिल्डिंग, फिर भी शिफ्टिंग नहीं
छात्रों का सबसे बड़ा सवाल नए भवन को लेकर है। उनका कहना है कि कॉलेज के लिए तैयार की गई नई बिल्डिंग का निर्माण 2024 में पूरा हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद कॉलेज को वहां स्थानांतरित नहीं किया गया।
प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने प्रशासन से मौखिक आश्वासन के बजाय लिखित तारीख मांगी है। उनका कहना है कि उन्हें यह स्पष्ट रूप से बताया जाए कि कॉलेज को नए भवन में कब तक शिफ्ट किया जाएगा।

जमीन से लेकर बिल्डिंग तक, 11 साल का इंतजार
छात्रों ने अपने मांग पत्र में कॉलेज भवन की पूरी प्रक्रिया का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार नए भवन के लिए जमीन का आवंटन 2015 में हुआ था और अगले साल यानी 2016 में निर्माण के लिए बजट की पहली किस्त जारी की गई।
इसके बावजूद भवन निर्माण की प्रक्रिया तेजी से आगे नहीं बढ़ सकी। छात्रों का कहना है कि लंबे समय तक इंतजार और लगातार मांग उठाने के बाद नए भवन का निर्माण आगे बढ़ा और आखिरकार 2024 में प्रस्तावित बिल्डिंग तैयार हुई।
एजुकेशन हब प्रोजेक्ट का हिस्सा था कॉलेज भवन
विद्यार्थियों के अनुसार 2021 की बजट घोषणा के बाद 2022 में इस प्रोजेक्ट के लिए टेंडर और बजट जारी किया गया था। इसे एजुकेशन हब प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया। राजकीय महाविद्यालय जयपुर का प्रस्तावित भवन भी इसी परियोजना का हिस्सा बताया गया है।
छात्रों के मुताबिक निर्माण एजेंसी के तौर पर RSRDC से जुड़ी प्रक्रिया के तहत 2022 में काम शुरू हुआ और 2024 तक भवन तैयार हो गया। अब विद्यार्थियों का सवाल है कि जब भवन बन चुका है तो उसे कॉलेज के उपयोग में लाने में देरी क्यों हो रही है।
दो ब्लॉक कॉलेज को देने की मांग
छात्रों ने नए परिसर के ब्लॉक B और G को कॉलेज को सौंपने की मांग रखी है। उनके अनुसार दोनों ब्लॉक में ग्राउंड फ्लोर के अलावा पांच मंजिल हैं और इनका इस्तेमाल कॉलेज की शैक्षणिक जरूरतों के लिए किया जा सकता है।
विद्यार्थियों का कहना है कि उनका आंदोलन केवल नई बिल्डिंग में जाने की मांग तक सीमित नहीं है। वे चाहते हैं कि प्रशासन शिफ्टिंग की स्पष्ट समयसीमा तय करे और उसे लिखित रूप में घोषित करे, ताकि छात्रों को बार-बार प्रदर्शन करने की जरूरत न पड़े।

अब कक्षाओं के बहिष्कार की चेतावनी
छात्रों ने मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में कक्षाओं के बहिष्कार की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि हजारों विद्यार्थियों के लिए सिर्फ छह कमरों में पढ़ाई संचालित करना व्यावहारिक समस्या पैदा कर रहा है।
कॉलेज प्राचार्य रविकांत शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों ने ज्ञापन दिया है और उसमें उठाई गई मांगों को लेकर उच्चाधिकारियों से भी बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि कॉलेज प्रशासन छात्रों की मांगों के समाधान के लिए प्रयास कर रहा है।
मूक-बधिर कॉलेज के विद्यार्थियों की भी अलग मांगें
इसी प्रदर्शन के दौरान राजकीय मूक-बधिर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी अपना मांग पत्र सौंपा। विद्यार्थियों का कहना है कि 2021-22 के बजट में उनके कॉलेज भवन के लिए घोषणा और बजट स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
मूक-बधिर विद्यार्थियों ने जल्द जमीन आवंटित करने और भवन निर्माण शुरू कराने के साथ हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग रखी है। इसके अलावा उन्होंने स्थायी इंटरप्रेटर्स की नियुक्ति की मांग भी उठाई।
जयपुर के सरकारी कॉलेजों से जुड़े इन दोनों मामलों में छात्रों की मांग का केंद्र एक ही है—**घोषणाओं और तैयारियों से आगे बढ़कर सुविधाओं को जमीन पर लागू किया जाए।** राजकीय महाविद्यालय के विद्यार्थी अब नई बिल्डिंग की चाबी और शिफ्टिंग की तय तारीख का इंतजार कर रहे हैं, जबकि मूक-बधिर कॉलेज के छात्र भवन निर्माण शुरू होने की राह देख रहे हैं।

