PM मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ बयान पर सचिन पायलट का पलटवार, महिला आरक्षण और परिसीमन पर भी घेरा

PM मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन पर सचिन पायलट ने ‘दिमागी नक्सली’ टिप्पणी पर सवाल उठाए। महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

PM मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ बयान पर सचिन पायलट का पलटवार, महिला आरक्षण और परिसीमन पर भी घेरा
Sachin pilot

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पीएम मोदी के भाषण में इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सली’ जैसे शब्दों को लेकर आपत्ति जताई और सरकार पर युवाओं के मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।

पायलट ने कहा कि राजनीतिक बहस में लगातार नए शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने ‘दिमागी नक्सली’ और ‘अर्बन नक्सली’ जैसे शब्दों का जिक्र करते हुए कहा कि जिम्मेदार पद पर बैठे लोगों को इस तरह की भाषा से बचना चाहिए। उनके मुताबिक, युवाओं में सरकार के खिलाफ दिखाई दे रहा आक्रोश ऐसी बयानबाजी की वजह से और बढ़ सकता है।

महिला आरक्षण को लेकर भी सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण से जुड़ा विधेयक संसद से पहले ही पारित हो चुका है, ऐसे में इसे लागू करने में देरी क्यों की जा रही है।

पायलट ने महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक लाभ के लिए परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि परिसीमन से पहले जनगणना और उसके बाद आयोग की प्रक्रिया होती है। आयोग की सिफारिशों के आधार पर परिसीमन लागू किया जाता है। पायलट ने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार के कदमों का विरोध करेगा।

इस तरह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के बाद सचिन पायलट की प्रतिक्रिया ने राजस्थान समेत देश की राजनीति में एक नया सियासी मुद्दा खड़ा कर दिया है।