90 साल पुराना घर, 50 लाख का कर्ज और अब टूटने का डर; सोडाला-गुर्जर की थड़ी में JDA के नोटिस से बढ़ी चिंता
सोडाला से गुर्जर की थड़ी तक न्यू सांगानेर रोड को 100 फीट चौड़ा करने की कार्रवाई तेज है। JDA ने प्रभावित दुकानों और निर्माणों को नोटिस जारी किए हैं।
जयपुर में सोडाला से गुर्जर की थड़ी के बीच न्यू सांगानेर रोड को चौड़ा करने की कार्रवाई ने सड़क किनारे बसे परिवारों और कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने सड़क की निर्धारित चौड़ाई के दायरे में आने वाले निर्माणों की पहचान और नोटिस की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रभावित हिस्से को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में संख्या में अंतर है, जबकि JDA ने बड़ी संख्या में दुकानों और अन्य निर्माणों को नोटिस जारी किए हैं।
90 साल से इसी घर में परिवार, अब नोटिस ने बढ़ाई चिंता
अशोकपुरा में रहने वाली प्रेमी देवी का परिवार करीब 90 साल से इसी इलाके में रह रहा है। परिवार के मुताबिक उनका मकान सड़क चौड़ीकरण की प्रस्तावित सीमा में आ रहा है। पति के निधन के बाद उन्होंने करीब 50 लाख रुपये का कर्ज लेकर दो मंजिला मकान बनवाया था।
परिवार का कहना है कि 126 गज के इस मकान का बड़ा हिस्सा यदि सड़क सीमा में आता है तो रहने के लिए बहुत कम जगह बचेगी। परिवार के एक सदस्य के अस्पताल में होने के बीच मिले नोटिस ने उनकी मुश्किल और बढ़ा दी है।
घर के साथ दुकान भी खतरे में
इस कार्रवाई का असर केवल मकानों तक सीमित नहीं है। न्यू सांगानेर रोड पर लंबे समय से कारोबार कर रहे कई दुकानदारों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण की जद में आने से उनकी दुकानें प्रभावित होंगी।
एक प्रभावित परिवार के मुताबिक उनका परिवार करीब 40 साल से यहां रह रहा है। नीचे दुकान और ऊपर मकान है। डिमार्केशन के बाद दुकान का लगभग पूरा हिस्सा सड़क सीमा में आने की बात सामने आई है। ऐसे में प्रभावित परिवारों के सामने एक साथ घर और रोजगार दोनों को लेकर चिंता खड़ी हो गई है।
100 फीट चौड़ी सड़क के लिए कार्रवाई
सोडाला से गुर्जर की थड़ी तक न्यू सांगानेर रोड को मास्टर प्लान के अनुरूप 100 फीट चौड़ा करने को लेकर कार्रवाई चल रही है। राजस्थान हाईकोर्ट ने JDA को सड़क सीमा से अतिक्रमण हटाकर तय समयसीमा में कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अगस्त में कोर्ट ने JDA को दो महीने में कार्रवाई पूरी कर 6 अक्टूबर तक अनुपालन रिपोर्ट पेश करने को कहा था।
JDA ने सर्वे और डिमार्केशन के आधार पर प्रभावित निर्माणों को चिह्नित किया है। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक कई दुकानदारों को 90A के तहत नोटिस देकर सात दिन में प्रभावित हिस्से को हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने किया विरोध
डिमार्केशन शुरू होने के बाद स्थानीय निवासियों और व्यापारियों ने इसका विरोध भी किया। उनका कहना है कि कई परिवार और कारोबारी दशकों से यहां रह रहे या दुकान चला रहे हैं। कुछ प्रभावित लोगों ने अपने पास पुराने दस्तावेज और पट्टे होने का दावा करते हुए कार्रवाई से पहले रिकॉर्ड की जांच और मुआवजे या पुनर्वास की मांग उठाई है।
JDA की ओर से कार्रवाई को हाईकोर्ट के निर्देशों की पालना बताया गया है। ऐसे में फिलहाल पूरा मामला सड़क की निर्धारित सीमा, संबंधित संपत्तियों के दस्तावेज और न्यायालय के आदेश के अनुपालन के इर्द-गिर्द है।
पहले भी सड़क चौड़ीकरण को लेकर उठे सवाल
जयपुर में सड़क चौड़ीकरण के दौरान निर्माण हटाने का मुद्दा नया नहीं है। प्रभावित व्यापारी पहले खातीपुरा-सिरसी रोड और न्यू सांगानेर रोड पर हुई कार्रवाई का उदाहरण देते हुए सवाल उठा रहे हैं कि जिन हिस्सों को हटाया गया, वहां सड़क निर्माण की स्थिति क्या है।
वहीं प्रशासन और JDA की ओर से मौजूदा कार्रवाई का आधार सड़क की निर्धारित चौड़ाई और हाईकोर्ट के निर्देश बताए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में नोटिसों पर मिलने वाली आपत्तियों और JDA की अगली कार्रवाई से तस्वीर और स्पष्ट होगी।

