करौली में किले की दीवार पर दिखा लेपर्ड, साथ नजर आए दो शावक; वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

करौली के सपोटरा इलाके के किला वन क्षेत्र में दो शावकों के साथ लेपर्ड दिखाई देने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। वन विभाग ने निगरानी के लिए दो टीमें तैनात कर दी हैं और लोगों से जंगल व किले की तरफ जाने से बचने की अपील की है।

करौली में किले की दीवार पर दिखा लेपर्ड, साथ नजर आए दो शावक; वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

करौली के सपोटरा इलाके में लेपर्ड के मूवमेंट से लोगों में चिंता बढ़ गई है। किला वन क्षेत्र में एक लेपर्ड अपने दो शावकों के साथ किले की दीवार पर दिखाई दिया। वन्यजीवों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही वन विभाग ने इलाके में निगरानी बढ़ाते हुए दो टीमों को तैनात कर दिया है।

वन विभाग की टीमें अलग-अलग स्थानों पर लगातार गश्त कर रही हैं। कर्मचारियों की नजर लेपर्ड और उसके शावकों की गतिविधियों पर बनी हुई है, ताकि उनकी लोकेशन का पता लगाया जा सके और वन्यजीव आबादी वाले इलाके की तरफ न बढ़ें।

जंगल से बाहर आने की आशंका, वन विभाग अलर्ट

किले की दीवार पर लेपर्ड दिखाई देने के बाद आसपास के लोगों में डर का माहौल है। खासतौर पर इस बात को लेकर चिंता है कि कहीं लेपर्ड शावकों के साथ वन क्षेत्र से निकलकर आबादी की ओर न आ जाए।

इसी संभावना को देखते हुए वनकर्मी लगातार क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं। बताया गया कि लेपर्ड को जंगल की ओर रखने के लिए वन विभाग की ओर से पटाखे भी चलाए गए।

### लोगों को जंगल और किले की तरफ जाने से रोका

लेपर्ड और दो शावकों की मौजूदगी की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने भी किला वन क्षेत्र की तरफ जाना कम कर दिया है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि फिलहाल जंगल और किला क्षेत्र में जाने से बचें।

विभाग का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को लेपर्ड दिखाई देता है तो उसके करीब जाने या उसे परेशान करने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तुरंत वन विभाग को सूचना दें।

 दो टीमें लगातार कर रहीं निगरानी

क्षेत्रीय वन अधिकारी अनिल मीना और नाका प्रभारी राजेश मीना के अनुसार, लेपर्ड के मूवमेंट की सूचना के बाद किला क्षेत्र में दो टीमें तैनात की गई हैं। वनकर्मियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं और दोनों टीमें लगातार गश्त कर रही हैं।

फिलहाल वन विभाग की प्राथमिकता लेपर्ड और उसके शावकों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखना है, ताकि वे सुरक्षित रूप से वन क्षेत्र में ही रहें और आसपास के आबादी वाले इलाकों में किसी तरह की परेशानी न हो।