अजमेर में कल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का रोड शो, बागियों पर BJP-कांग्रेस सख्त; समर्थन नहीं किया तो 6 साल का निष्कासन!
अजमेर नगर निगम चुनाव में प्रचार तेज हो गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में रोड शो करेंगे, जबकि 80 वार्डों में 360 उम्मीदवार मैदान में हैं और बागियों ने BJP-कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है।
अजमेर नगर निगम चुनाव का प्रचार अब जोर पकड़ चुका है। 11 सितंबर को होने वाले पार्षद चुनाव के लिए प्रत्याशी घर-घर जाकर मतदाताओं से समर्थन मांग रहे हैं। इसी बीच भाजपा ने अपने उम्मीदवारों के पक्ष में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के रोड शो की तैयारियां तेज कर दी हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कल अजमेर में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में रोड शो करेंगे। इसके बाद वे पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद भी करेंगे। हालांकि रोड शो का रूट अभी तय नहीं किया गया है, लेकिन भाजपा संगठन ने कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
बागियों पर BJP-कांग्रेस का अल्टीमेटम
अजमेर नगर निगम चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज भाजपा और कांग्रेस के कई नेता अब निर्दलीय या अन्य दलों के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। दोनों प्रमुख दलों ने ऐसे बागियों को पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में लौटने की चेतावनी दी है।
पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यदि बागी उम्मीदवार अधिकृत प्रत्याशी के समर्थन में नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासन की कार्रवाई भी की जा सकती है।
कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ को विरोध का सामना
टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस के भीतर चल रही नाराजगी अब चुनाव प्रचार के दौरान भी दिखाई देने लगी है। शुक्रवार रात नौसर गांव में कांग्रेस नेता और आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ को कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा।
राठौड़ वार्ड नंबर 1 से कांग्रेस प्रत्याशी शैलेंद्र अग्रवाल के चुनाव कार्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने टिकट वितरण को लेकर अपनी नाराजगी जताई। इस घटनाक्रम ने चुनाव से पहले कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को फिर चर्चा में ला दिया।
80 वार्डों में 360 उम्मीदवार मैदान में
अजमेर नगर निगम के 80 वार्डों में पार्षद पद के लिए कुल 360 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें भाजपा के 79 और कांग्रेस के 77 प्रत्याशी शामिल हैं। इसके अलावा 204 उम्मीदवार अन्य दलों और निर्दलीय श्रेणी से चुनाव लड़ रहे हैं।
10 वार्डों में सीधा मुकाबला
चुनावी समीकरण की बात करें तो 10 वार्ड ऐसे हैं, जहां मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। इनमें वार्ड नंबर 12, 23, 29, 59, 60, 61, 65, 67, 69 और 71 शामिल हैं।
वहीं 18 वार्डों में मुकाबला त्रिकोणीय होने की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में इन सीटों पर निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशी भाजपा-कांग्रेस के लिए चुनौती बढ़ा सकते हैं।
बागियों ने बढ़ाई दोनों दलों की चिंता
अजमेर नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 47 और भाजपा के 19 बागी उम्मीदवार मैदान में डटे हुए हैं। इन बागियों की मौजूदगी ने दोनों दलों के अधिकृत प्रत्याशियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
खास तौर पर उन वार्डों में मुकाबला दिलचस्प हो गया है, जहां बागी उम्मीदवारों का स्थानीय स्तर पर मजबूत प्रभाव माना जा रहा है। यही वजह है कि मतदान से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने नाराज नेताओं को साधने में जुटे हैं।
वार्ड 12 में सबसे ज्यादा 52 उम्मीदवार
अजमेर के वार्ड नंबर 12 में सबसे ज्यादा 52 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। यहां मुकाबला बहुकोणीय होने से चुनावी तस्वीर काफी दिलचस्प हो गई है।
अब आने वाले दिनों में दोनों प्रमुख दलों का फोकस अधिकृत प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार तेज करने के साथ-साथ बागी उम्मीदवारों को मनाने पर रहेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का रोड शो भी भाजपा के चुनावी अभियान को धार देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

