Sawan 2026: सावन में बेलपत्र की जड़ के पास दीपक जलाने का क्या है महत्व? जानें शिव महापुराण में बताए गए धार्मिक उपाय

Sawan 2026: सावन में बेलपत्र की जड़ के पास दीपक जलाने, पूजा करने और बेलपत्र अर्पित करने का क्या महत्व है? जानें शिव महापुराण में बताए गए धार्मिक उपाय और मान्यताएं।

Sawan 2026: सावन में बेलपत्र की जड़ के पास दीपक जलाने का क्या है महत्व? जानें शिव महापुराण में बताए गए धार्मिक उपाय
Bhagwan shiv

Sawan 2026: सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस दौरान शिवलिंग पर जलाभिषेक और बेलपत्र अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि बेलपत्र (बिल्व) के वृक्ष की जड़ से जुड़े कुछ धार्मिक उपाय भी शिव महापुराण में वर्णित हैं। मान्यता है कि सावन में श्रद्धापूर्वक इन उपायों को करने से भगवान शिव और माता लक्ष्मी दोनों की कृपा प्राप्त होती है।

बेलपत्र की जड़ में माने जाते हैं सभी तीर्थ

धार्मिक मान्यता के अनुसार, संसार के सभी प्रमुख तीर्थ बिल्व वृक्ष की जड़ में निवास करते हैं। इसलिए बिल्व वृक्ष के मूल की पूजा, दीपदान और भगवान शिव का अभिषेक अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति बिल्व वृक्ष की जड़ में भगवान शिव की पूजा करता है, उसे शिव कृपा प्राप्त होती है और वह समस्त तीर्थों में स्नान करने के समान पुण्य का भागी बनता है।

सावन में बेलपत्र के नीचे दीपक जलाने का महत्व

शिव महापुराण के अनुसार, सावन में बेलपत्र के वृक्ष की जड़ के पास दीपक या दीपमाला जलाना शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

यह भी मान्यता है कि बेलपत्र का वृक्ष माता लक्ष्मी से जुड़ा हुआ है। इसलिए रात के समय बेल वृक्ष के नीचे दीपक जलाने से माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती।

बेलपत्र पर राम नाम लिखकर करें अर्पित

शिव पूजा के दौरान बेलपत्र अर्पित करने से पहले उस पर "राम" नाम लिखकर भगवान शिव को चढ़ाने की भी मान्यता है। कहा जाता है कि ऐसे बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्त की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

बिल्व वृक्ष के नीचे किए गए इन कार्यों का भी है विशेष महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार—

  • बिल्व वृक्ष की जड़ में भगवान शिव का अभिषेक करने से सभी तीर्थों में स्नान करने के समान फल मिलता है।
  • धूप, दीप और फूलों से बिल्व वृक्ष के मूल का पूजन करने वाला व्यक्ति शिवलोक की प्राप्ति करता है।
  • बिल्व वृक्ष के नीचे भोजन कराने से करोड़ों लोगों को भोजन कराने के बराबर पुण्य मिलता है।
  • बिल्व वृक्ष के नीचे दूध और घी युक्त अन्न का दान करने से अन्न और धन की वृद्धि होती है।
  • भगवान शिव को बेलपत्र अर्पित करते समय 108 बार "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना गया है।

धार्मिक मान्यता

यह जानकारी धार्मिक ग्रंथों, शिव महापुराण और प्रचलित मान्यताओं पर आधारित है। आस्था और परंपराएं अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न हो सकती हैं। किसी भी धार्मिक उपाय को अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार ही अपनाएं।