जयपुर के 3 स्पा सेंटरों पर पुलिस की रेड, 10 युवतियों और 5 युवकों समेत 15 लोग पकड़े गए

जयपुर के सीए राजीव गुप्ता किडनैपिंग केस में पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि आरोपियों ने फिल्मों से आइडिया लेकर अपहरण की साजिश रची थी।

जयपुर के 3 स्पा सेंटरों पर पुलिस की रेड, 10 युवतियों और 5 युवकों समेत 15 लोग पकड़े गए

सीए राजीव गुप्ता के अपहरण मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। आरोपियों ने कर्ज चुकाने और मौज-मस्ती के लिए वारदात की साजिश रची थी।

फिल्मों से मिला किडनैपिंग का आइडिया

जयपुर में सीए राजीव गुप्ता के अपहरण मामले की जांच में पुलिस पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर पुरानी फिल्मों में दिखाए गए अपहरण के तरीकों से प्रभावित होकर वारदात का प्लान तैयार किया था।

आरोपियों का मानना था कि किसी अमीर व्यक्ति का अपहरण कर उसके परिवार से 10 से 20 लाख रुपए आसानी से वसूले जा सकते हैं। इस रकम से पहले कर्ज चुकाने और बची राशि को मौज-मस्ती में खर्च करने की योजना थी।

मास्टरमाइंड चेतन को भेजा गया जेसी

अशोक नगर थाना पुलिस ने मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड चेतन को शनिवार दोपहर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार, मामले में रिमांड पर चल रहे उसके दो साथी हनुमान और जैनुल खान से पूछताछ जारी है। वहीं, वारदात में शामिल बताए जा रहे एक अन्य फरार आरोपी की तलाश में पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

कर्ज चुकाने के लिए बनाई थी साजिश

पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर कर्ज और पैसों की जरूरत को वारदात की एक वजह बताया है। पुलिस के अनुसार, मास्टरमाइंड चेतन पर करीब 10 लाख रुपए का होम लोन था। इसके अलावा उस पर स्कूटी लोन और परिवार से जुड़े करीब 2.50 लाख रुपए चुकाने की भी जिम्मेदारी थी।

वहीं, आरोपी जैनुल खान पर भी करीब एक लाख रुपए का कर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

अमीर व्यक्ति को निशाना बनाने की थी योजना

पुलिस पूछताछ के मुताबिक, चारों दोस्तों ने मिलकर ऐसे व्यक्ति को निशाना बनाने की योजना बनाई थी, जिसे वे आर्थिक रूप से संपन्न समझते हों। इसके लिए लग्जरी कार से आने-जाने वाले व्यक्ति को अकेला देखकर अपहरण करने का प्लान बनाया गया था।

आरोपियों को कथित तौर पर उम्मीद थी कि जिस व्यक्ति का अपहरण किया जाएगा, उसका परिवार जल्द से जल्द पैसे की व्यवस्था कर देगा। इसी सोच के आधार पर 10 से 20 लाख रुपए की फिरौती मांगने की योजना बनाई गई थी।

फिरौती की रकम से पहले कर्ज चुकाने का प्लान

पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने वारदात के बाद मिलने वाली रकम को लेकर भी आपस में योजना बनाई थी। उनका कथित प्लान था कि फिरौती की रकम मिलने के बाद सबसे पहले अपना कर्ज चुकाएंगे।

इसके बाद बची रकम को निजी खर्च और मौज-मस्ती में इस्तेमाल करने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अपहरण की साजिश में किसकी क्या भूमिका थी और फरार आरोपी की वारदात में कितनी संलिप्तता रही।

फरार आरोपी की तलाश में दबिश जारी

मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अपहरण की पूरी साजिश और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। साथ ही फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का भी खुलासा हो सकता है।