जयपुर के VIP वार्डों में वोटिंग का अलग मिजाज, कहीं 10% कम तो कहीं 6% ज्यादा

जयपुर नगर निगम चुनाव में शहर का अंतिम मतदान प्रतिशत 63.55% रहा। VIP वार्डों में मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के वार्ड 28 में सबसे ज्यादा 69.62% वोटिंग हुई, जबकि प्रताप सिंह खाचरियावास के वार्ड 97 में सबसे कम 53.27% मतदान दर्ज हुआ।

जयपुर के VIP वार्डों में वोटिंग का अलग मिजाज, कहीं 10% कम तो कहीं 6% ज्यादा

नगर निगम चुनाव में मतदान खत्म होने के बाद अब निगाहें 14 सितंबर को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। लेकिन उससे पहले जयपुर के कुछ हाई-प्रोफाइल यानी VIP वार्डों का मतदान प्रतिशत राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। इन वार्डों में मंत्री, विधायक और पूर्व मंत्री से जुड़े क्षेत्रों में वोटिंग का ट्रेंड एक जैसा नहीं रहा। कहीं मतदाताओं की भागीदारी शहर के औसत से काफी कम रही तो कुछ वार्डों में लोगों ने औसत से ज्यादा उत्साह दिखाया।

जयपुर नगर निगम का अंतिम मतदान प्रतिशत 63.55% रहा। इसके मुकाबले कुछ VIP वार्डों में करीब 9 से 10 प्रतिशत तक कम मतदान दर्ज हुआ, जबकि दो प्रमुख वार्डों में वोटिंग शहर के औसत से 5 से 6 प्रतिशत अधिक रही। अब सवाल यह है कि इन आंकड़ों का चुनावी नतीजों पर कितना असर दिखाई देगा।

राज्यवर्धन के वार्ड में सबसे ज्यादा वोटिंग

VIP वार्डों में सबसे ज्यादा मतदान मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के वार्ड 28 में दर्ज हुआ। यहां 69.62% मतदाताओं ने वोट डाला। यह जयपुर के औसत मतदान से 6.07 प्रतिशत ज्यादा है।

वहीं कांग्रेस विधायक अमीन कागजी के वार्ड 109 में भी मतदान का प्रतिशत ऊंचा रहा। यहां 68.91% वोटिंग हुई, जो शहर के औसत से 5.36 प्रतिशत अधिक है।

इन दोनों वार्डों में अपेक्षाकृत ज्यादा मतदान ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा बढ़ा दी है। हालांकि, सिर्फ मतदान प्रतिशत के आधार पर जीत-हार का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगा।

कुछ VIP वार्डों में औसत से काफी कम वोटिंग

दूसरी तरफ, कुछ हाई-प्रोफाइल वार्डों में मतदाताओं की भागीदारी शहर के औसत से काफी नीचे रही। विधायक कालीचरण सराफ के वार्ड 76 में 54.37% मतदान हुआ। यानी जयपुर के औसत से करीब 9.18 प्रतिशत कम।

पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के वार्ड 97 में भी वोटिंग कम रही। यहां 53.27% मतदान दर्ज हुआ। कुल 15,109 मतदाताओं में से 8,048 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। यह शहर के औसत से 10.28 प्रतिशत कम है।

विधायक रफीक खान के वार्ड 99 में 54.14% मतदान हुआ। यहां 22,775 मतदाताओं में से 12,330 ने वोट डाला। यह भी नगर निगम के औसत मतदान से 9.41 प्रतिशत कम रहा।

गोपाल शर्मा के वार्ड में औसत के आसपास मतदान

विधायक गोपाल शर्मा के वार्ड 33 की तस्वीर बाकी VIP वार्डों से थोड़ी अलग रही। यहां 63.75% मतदान हुआ, जो नगर निगम के 63.55 प्रतिशत औसत से सिर्फ 0.20 प्रतिशत अधिक है।

यानी इस वार्ड में मतदान लगभग शहर के औसत के बराबर ही रहा।

अब आंकड़ों से आगे नतीजों की बारी

VIP वार्डों में मतदान प्रतिशत ने भले ही शुरुआती संकेत दिए हों, लेकिन असली तस्वीर 14 सितंबर को मतगणना के बाद सामने आएगी। ज्यादा मतदान वाले वार्ड में किसे फायदा हुआ और कम वोटिंग वाले क्षेत्र में किस उम्मीदवार का समीकरण मजबूत रहा—इसका जवाब नतीजे ही देंगे।

फिलहाल छह प्रमुख वार्डों के आंकड़े यह जरूर बता रहे हैं कि जयपुर में VIP इलाकों के मतदाताओं का चुनावी उत्साह एक जैसा नहीं रहा। अब सोमवार की मतगणना बताएगी कि वोटिंग प्रतिशत का यह अंतर राजनीतिक असर में बदला या सिर्फ आंकड़ा बनकर रह गया।