बाड़मेर चुनाव में ‘सेब’ की बहार! 49 में 24 निर्दलीयों ने चुना भाटी वाला सिंबल

बाड़मेर नगर परिषद चुनाव में ‘सेब’ चुनाव चिह्न निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच खासा लोकप्रिय रहा। 49 निर्दलीय उम्मीदवारों में से 24 को ‘सेब’ सिंबल मिला है, जिसका संबंध शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी से भी जोड़ा जाता है।

बाड़मेर चुनाव में ‘सेब’ की बहार! 49 में 24 निर्दलीयों ने चुना भाटी वाला सिंबल

राजस्थान के बाड़मेर नगर परिषद चुनाव में इस बार एक चुनाव चिह्न ने खास तौर पर सबका ध्यान खींचा है। नगर परिषद के 55 वार्डों में चुनावी मुकाबले के बीच निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच ‘सेब’ चुनाव चिह्न की जबरदस्त मांग देखने को मिली। स्थिति यह रही कि मैदान में उतरे 49 निर्दलीय उम्मीदवारों में से 24 को चुनाव चिह्न के रूप में ‘सेब’ मिला है।

यानी लगभग आधे निर्दलीय प्रत्याशी ‘सेब’ के चुनाव चिह्न के साथ चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, 50 प्रतिशत से अधिक निर्दलीय उम्मीदवारों ने प्राथमिकता के तौर पर इसी चुनाव चिह्न की मांग की थी। इसके बाद चुनाव चिह्न आवंटन में बड़ी संख्या में प्रत्याशियों को ‘सेब’ मिला।

क्यों बढ़ी ‘सेब’ चुनाव चिह्न की मांग?

बाड़मेर की राजनीति में ‘सेब’ का नाम शिव विधानसभा से विधायक रविंद्र सिंह भाटी से जुड़ने के कारण भी चर्चा में रहता है। रविंद्र सिंह भाटी इसी चुनाव चिह्न के साथ दो बार चुनाव लड़ चुके हैं। ऐसे में स्थानीय राजनीति में ‘सेब’ की अलग पहचान बन चुकी है और माना जा रहा है कि यही वजह निर्दलीय प्रत्याशियों के बीच इसकी बढ़ती पसंद का एक बड़ा कारण है।

नगर परिषद चुनाव में जहां राजनीतिक दल अपने चुनाव चिह्न और संगठन के दम पर मतदाताओं तक पहुंच रहे हैं, वहीं निर्दलीय उम्मीदवारों के लिए चुनाव चिह्न की पहचान काफी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में बड़ी संख्या में प्रत्याशियों का ‘सेब’ सिंबल की मांग करना अब बाड़मेर के चुनावी माहौल में चर्चा का विषय बन गया है।

55 वार्डों में चुनावी मुकाबला, सिंबल पर भी नजर

बाड़मेर नगर परिषद के सभी 55 वार्डों में चुनावी गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। निर्दलीय उम्मीदवार भी प्रमुख दलों के प्रत्याशियों को चुनौती देने के लिए मैदान में उतर चुके हैं। ऐसे में अब सिर्फ प्रत्याशियों के नाम और चुनावी वादे ही नहीं, बल्कि उनके चुनाव चिह्न भी मतदाताओं के बीच पहचान बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

दिलचस्प बात यह है कि 49 निर्दलीय प्रत्याशियों में से 24 को ‘सेब’ चुनाव चिह्न मिलना अपने आप में एक बड़ा आंकड़ा है। इससे साफ है कि बाड़मेर की स्थानीय राजनीति में इस सिंबल को लेकर अलग तरह की दिलचस्पी बनी हुई है।

अब देखना होगा कि जिस ‘सेब’ चुनाव चिह्न को लेकर निर्दलीय उम्मीदवारों में इतनी उत्सुकता दिखाई दी, वह मतदान के दिन मतदाताओं के फैसले पर कितना असर डाल पाता है। फिलहाल, बाड़मेर नगर परिषद चुनाव में ‘सेब’ सिर्फ एक चुनाव चिह्न नहीं, बल्कि चुनावी चर्चा का बड़ा केंद्र बन गया है।