नेपाल की तबाही में भारत बना मददगार, 21.5 टन राहत सामग्री लेकर पहुंचे दो और C-130J विमान

नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बीच भारत ने दो C-130J सैन्य विमानों से 21.5 टन राहत सामग्री काठमांडू पहुंचाई। भारत अब तक नेपाल को 95 टन से अधिक आपातकालीन और चिकित्सा सहायता के साथ विशेषज्ञ टीमें, ब्रिज और जरूरी उपकरण भेज चुका है।

नेपाल की तबाही में भारत बना मददगार, 21.5 टन राहत सामग्री लेकर पहुंचे दो और C-130J विमान

नेपाल इन दिनों भीषण बाढ़ और भूस्खलन से जूझ रहा है। प्राकृतिक आपदा के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। इस मुश्किल समय में भारत ने एक बार फिर अपने पड़ोसी देश की मदद के लिए राहत सामग्री की नई खेप भेजी है।

भारत ने दो और C-130J सैन्य परिवहन विमानों के जरिए राहत सामग्री काठमांडू पहुंचाई। इन दोनों विमानों में कुल 21.5 टन आपातकालीन और जरूरी सामान भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, राहत सामग्री नेपाल के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महाबीर पुन को सौंप दी गई है।

95 टन से ज्यादा राहत सामग्री भेज चुका भारत

नेपाल में राहत अभियान के तहत भारत की मदद लगातार बढ़ रही है। नई खेप पहुंचने के साथ ही भारत अब तक नेपाल को 95 टन से अधिक आपातकालीन और चिकित्सा राहत सामग्री उपलब्ध करा चुका है। इसमें प्रभावित लोगों की तत्काल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए दवाइयों से लेकर राहत उपकरण तक शामिल हैं।

राहत सामग्री के साथ विशेषज्ञ टीमें भी तैनात

भारत केवल राहत सामग्री भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि बचाव और राहत कार्यों में विशेषज्ञ सहायता भी उपलब्ध करा रहा है। शवों की पहचान और डीएनए सैंपलिंग के लिए 19 सदस्यीय फोरेंसिक टीम नेपाल भेजी गई है। इसके अलावा टनल ऑपरेशन में सहायता के लिए 13 सदस्यीय विशेषज्ञ सेना टीम भी तैनात की गई है।

जमीनी स्तर पर राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए एनडीआरएफ के विशेषज्ञों को भी लगाया गया है। इससे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को तेजी देने और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने में मदद मिल रही है।

सड़कों और संपर्क व्यवस्था बहाल करने में भी मदद

बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक संपर्क मार्गों को दोबारा चालू करना है। भारत ने इस दिशा में भी नेपाल को सहयोग दिया है। संपर्क व्यवस्था बहाल करने के लिए 230 फीट लंबा सिंगल-लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज भेजा गया है।

इसके अलावा 16 ट्रक आवश्यक उपकरण और सात अतिरिक्त बेली ब्रिज भी तकनीकी टीम के साथ भेजे गए हैं। इन संसाधनों का उद्देश्य प्रभावित क्षेत्रों में आवाजाही और राहत कार्यों को सुचारु बनाने में मदद करना है।

दवाइयों से लेकर टेंट और जनरेटर तक भेजे गए

भारत की राहत खेप में चिकित्सा और जरूरी राहत सामग्री को भी प्राथमिकता दी गई है। प्रभावित लोगों के लिए एंटीबायोटिक्स, दर्द निवारक दवाएं, टेंट, जनरेटर और पानी को साफ करने वाली टैबलेट जैसी जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।

24 घंटे सक्रिय हैं कंट्रोल रूम

आपदा की स्थिति में प्रभावित भारतीय नागरिकों तक मदद पहुंचाने के लिए काठमांडू और बीजिंग में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं। इनके जरिए प्रभावित लोगों की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

पड़ोसी देश के साथ खड़ा भारत

नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा के बीच भारत की लगातार मदद दोनों देशों के बीच सहयोग को दर्शाती है। राहत सामग्री, विशेषज्ञ टीमों और जरूरी उपकरणों की सहायता के जरिए भारत आपदा से प्रभावित नेपाल के लोगों तक मदद पहुंचाने में जुटा है। यह सहयोग भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' नीति के तहत पड़ोसी देशों के साथ संकट के समय खड़े रहने की प्रतिबद्धता को भी दिखाता है।