जन्माष्टमी पर कानपुर ISKCON में राधा-माधव का शाही श्रृंगार, 5 लाख की खास पोशाक बनेगी आकर्षण
कानपुर के मैनावती मार्ग स्थित ISKCON मंदिर में जन्माष्टमी पर राधा-माधव का खास श्रृंगार होगा। भगवान के लिए करीब 5 लाख रुपये की विशेष पोशाक तैयार की गई है, जिसे वृंदावन और बंगाल के कारीगरों ने रेशम, मखमल, जरदोजी, जरी और मोतियों से सजाया है।
कानपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। मैनावती मार्ग स्थित ISKCON मंदिर में इस बार जन्माष्टमी का आयोजन खास अंदाज में किया जा रहा है। मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को इस बार विशेष श्रृंगार देखने को मिलेगा। जन्माष्टमी के मौके पर राधा-माधव को एक खास पोशाक पहनाई जाएगी, जिसकी कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है।
इस विशेष पोशाक को तैयार करने में पारंपरिक कारीगरी और बारीक सजावट का इस्तेमाल किया गया है। पोशाक में रेशम और मखमल जैसे कपड़ों के साथ जरदोजी, जरी, मोती और चमकदार स्टोन का काम किया गया है। बताया जा रहा है कि इसके डिजाइन में मोरपंख, कमल और पारंपरिक बेल-बूटों जैसे धार्मिक और प्राकृतिक प्रतीकों को भी शामिल किया गया है।
वृंदावन-बंगाल के कारीगरों ने तैयार की पोशाक
राधा-माधव की इस विशेष पोशाक को तैयार करने के लिए अनुभवी कारीगरों की मदद ली गई है। वृंदावन और बंगाल के कारीगरों ने लंबे समय तक मेहनत कर पोशाक पर बारीक हाथ का काम किया है। यही वजह है कि पोशाक को केवल वस्त्र नहीं, बल्कि भगवान के प्रति भक्तों की श्रद्धा और समर्पण से जोड़कर देखा जा रहा है।
पोशाक के साथ राधा रानी के लहंगे और ठाकुरजी की धोती-कुर्ते के लिए भी खास डिजाइन तैयार किया गया है। इसके साथ मुकुट, पटका और बांसुरी की सजावट को भी पोशाक के रंग और डिजाइन के अनुरूप रखने की तैयारी है।
फूलों से सजेगा मंदिर परिसर
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर को भी विशेष रूप से सजाया जाएगा। फूलों की सजावट के जरिए मंदिर को आकर्षक रूप देने की तैयारी है। इसके लिए अलग-अलग किस्म के फूलों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। फूलों की सजावट और रोशनी के बीच राधा-माधव का विशेष श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण रहेगा।
मध्यरात्रि में होगा भगवान का अभिषेक
जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के समय विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। मध्यरात्रि में भगवान का पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना की जाएगी। जन्मोत्सव के दौरान मंदिर में भक्ति और धार्मिक कार्यक्रमों का माहौल रहेगा।
छप्पन भोग भी होगा विशेष
जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान को छप्पन भोग अर्पित करने की भी परंपरा है। इस आयोजन में विभिन्न प्रकार के पकवान भगवान को भोग के रूप में समर्पित किए जाएंगे। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।
भक्तों की भीड़ को देखते हुए तैयारियां
जन्माष्टमी पर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए दर्शन व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए बैरिकेडिंग और कतार व्यवस्था की तैयारी की गई है। बुजुर्ग श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों के लिए अलग व्यवस्थाएं रखने की भी तैयारी है।
जन्माष्टमी की रात जब राधा-माधव विशेष पोशाक और श्रृंगार में भक्तों को दर्शन देंगे, तब मंदिर परिसर का माहौल और भी खास नजर आएगा। इस बार खास पोशाक, फूलों की सजावट और मध्यरात्रि के जन्मोत्सव को लेकर कानपुर ISKCON श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण बनने वाला है।

