बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा! गंगा-गंडक-कोसी उफान पर, निचले इलाकों में अलर्ट

नेपाल में लगातार बारिश से बिहार की गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और घाघरा नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। कई जगह नदियां खतरे के निशान के करीब या ऊपर बह रही हैं।

बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ा! गंगा-गंडक-कोसी उफान पर, निचले इलाकों में अलर्ट

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिहार की नदियों पर दिखाई देने लगा है। गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक और घाघरा समेत कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कई स्थानों पर नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं, जबकि कुछ जगहों पर इसके ऊपर बह रही हैं।

नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बिहार के सीमावर्ती और निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।

नेपाल की बारिश से बढ़ा बिहार में खतरा

जल संसाधन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार बारिश होने के कारण बिहार की कई नदियों में पानी बढ़ रहा है। इसका असर खासतौर पर सीमावर्ती जिलों और नदी के आसपास बसे निचले क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है।

विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी जलस्तर संबंधी अपडेट में कई नदियों के अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान तक पहुंचने या उसे पार करने की जानकारी दी गई।

कई जगह खतरे के निशान के ऊपर बह रही गंगा

गंगा नदी का जलस्तर भी कई इलाकों में चिंता बढ़ा रहा है। पटना के दीघा, हाथीदह और गांधीघाट तथा भागलपुर के कहलगांव में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आसपास के इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है।

गंडक और कोसी का भी बढ़ा जलस्तर

गंडक नदी गोपालगंज के सिधवलिया क्षेत्र में खतरे के निशान तक पहुंच गई है। वहीं कोसी नदी खगड़िया, कटिहार और कुरसेला में खतरे के निशान के आसपास या उस तक पहुंच गई है।

खगड़िया में बूढ़ी गंडक नदी भी खतरे के निशान पर बह रही है। इन इलाकों में नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार नजर रखी जा रही है।

घाघरा भी खतरे के निशान पर

सिवान जिले के दरौली में घाघरा नदी भी खतरे के निशान पर पहुंच गई है। नदियों के एक साथ बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

अधिकारियों के मुताबिक स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा

बाढ़ की आशंका को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले कुछ लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।

फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है। हालांकि, नेपाल में बारिश जारी रहने और नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

सीमावर्ती जिलों में बढ़ी सतर्कता

नेपाल से आने वाले पानी का सीधा असर बिहार के सीमावर्ती जिलों पर पड़ता है। ऐसे में बारिश और नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव को लेकर स्थानीय प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

गंगा, गंडक और कोसी जैसी प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच आने वाले दिनों में स्थिति किस तरह बदलती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।