CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका का पुलिस पर बड़ा आरोप, बोले- ‘मेरे घर आने-जाने वालों पर रखी जा रही नजर’; DCP ने दावे को बताया गलत

जयपुर में CJP के स्कूल चलो अभियान को लेकर विवाद बढ़ा। आशुतोष रांका ने राजस्थान पुलिस पर निगरानी का आरोप लगाया, जबकि DCP ईस्ट ने आरोपों को खारिज किया।

CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका का पुलिस पर बड़ा आरोप, बोले- ‘मेरे घर आने-जाने वालों पर रखी जा रही नजर’; DCP ने दावे को बताया गलत

जयपुर में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के स्कूल चलो अभियान को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। अब पार्टी के सह-संयोजक और प्रवक्ता आशुतोष रांका ने राजस्थान पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रांका का दावा है कि पुलिस उनके घर आने-जाने वाले लोगों पर नजर रख रही है। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पूरे मामले पर अलग तस्वीर पेश की है।

आशुतोष रांका ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए राजस्थान पुलिस को टैग किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति पर निगरानी रखी जा रही है। रांका ने यह भी कहा कि अगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करना चाहती है तो सीधे उनके पास आकर कार्रवाई करे।

रांका ने अपने पोस्ट में यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस की कथित निगरानी या किसी अन्य कार्रवाई के बावजूद उनका अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि CJP की टीम राजस्थान के सरकारी स्कूलों की स्थिति में सुधार होने तक ‘स्कूल चलो अभियान’ जारी रखेगी।

DCP ने कहा- दूसरे पते की तस्दीक के लिए पहुंची थी पुलिस

रांका के आरोपों के बाद जयपुर पुलिस की ओर से भी सफाई सामने आई है। DCP ईस्ट रंजिता शर्मा ने बताया कि पुलिस टीम किसी अन्य पते पर तस्दीक करने के लिए गई थी। जिस स्थान पर पुलिस पहुंची थी, संयोग से आशुतोष रांका का घर भी उसी जगह था।

DCP ने रांका के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि पुलिस का उद्देश्य उनके घर आने-जाने वाले लोगों की निगरानी करना नहीं था। पुलिस के मुताबिक, मौके पर पहुंचने की वजह रांका से जुड़ी कोई निगरानी नहीं, बल्कि किसी दूसरे पते से संबंधित सत्यापन था।

बगरू के सरकारी स्कूल में हुआ था विवाद

CJP और पुलिस के बीच बढ़ते विवाद की पृष्ठभूमि में 22 अगस्त की बगरू घटना भी अहम मानी जा रही है। CJP की टीम जयपुर के बगरू क्षेत्र के रामपुरा गांव स्थित सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची थी। इस दौरान ग्रामीणों ने टीम के सदस्यों को स्कूल में प्रवेश करने से रोक दिया।

मामला धीरे-धीरे विवाद में बदल गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट की स्थिति बन गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और CJP कार्यकर्ताओं को वहां से लौटना पड़ा। पार्टी ने इस घटना को गंभीर बताते हुए इसमें शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग की थी।

CJP ने लगाया था साजिश का आरोप

स्कूल में हुए विवाद के बाद CJP की ओर से आरोप लगाया गया था कि उसके कार्यकर्ताओं के साथ जानबूझकर मारपीट की गई। पार्टी ने घटना के पीछे राजनीतिक साजिश होने का भी आरोप लगाया था और बीजेपी पर निशाना साधा था।

अब आशुतोष रांका के पुलिस निगरानी संबंधी आरोप सामने आने के बाद बगरू की घटना एक बार फिर चर्चा में है। CJP कार्यकर्ता पहले से ही मारपीट में शामिल लोगों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। वहीं पुलिस ने रांका के नए आरोपों को गलत बताते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है।

फिलहाल इस पूरे मामले में CJP के आरोप और पुलिस की सफाई आमने-सामने हैं। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई और CJP के स्कूल चलो अभियान को लेकर राजस्थान की राजनीति में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।