बच्चे नहीं होने और दहेज प्रताड़ना के चलते रवीना की हत्या, शव टांके में डालकर दफनाया; पति-सास-ससुर को उम्रकैद
Barmer Raveena Murder Case: बाड़मेर में विवाहिता रवीना की हत्या के मामले में कोर्ट ने पति नजीर, ससुर कमाल खान और सास सरीयत को दोषी ठहराते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
बाड़मेर: राजस्थान के बाड़मेर जिले में विवाहिता रवीना की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। बच्चे नहीं होने और दहेज की मांग को लेकर महिला को प्रताड़ित करने के बाद उसकी हत्या करने के मामले में कोर्ट ने पति नजीर, ससुर कमाल खान और सास सरीयत को दोषी मानते हुए कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मामले में पुलिस ने दफन किए गए शव को बाहर निकलवाकर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया था।
2017 में हुई थी रवीना की शादी
जानकारी के अनुसार रवीना की शादी 13 फरवरी 2017 को नजीर के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से उसे कथित तौर पर प्रताड़ित किया जाने लगा। आरोप था कि बच्चे नहीं होने को लेकर उसे लगातार ताने दिए जाते थे। इसके साथ ही ससुराल पक्ष की ओर से 5 लाख रुपये दहेज की मांग भी की जा रही थी।
परिजनों के अनुसार, रवीना को लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद मामला सामने आने से पहले तक वह ससुराल में ही रह रही थी।
7 जुलाई 2023 की रात हुई हत्या
मामले में अभियोजन पक्ष के अनुसार 7 जुलाई 2023 की रात रवीना के साथ उसके पति नजीर, ससुर कमाल खान और सास सरीयत ने मारपीट की। आरोप है कि इसी दौरान उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को पानी के टांके में डाल दिया। इसके बाद पीहर पक्ष के लोगों के पहुंचने से पहले शव को स्थानीय लोगों की मदद से चुपचाप दफना दिया गया।
पुलिस ने कब्र से बाहर निकलवाया शव
घटना की जानकारी मिलने के बाद रवीना के पीहर पक्ष ने पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और दफन किए गए शव को बाहर निकलवाया। इसके बाद शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की। मामले में अदालत के समक्ष गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य पेश किए गए।
कोर्ट ने सुनाई कठोर आजीवन कारावास की सजा
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों, गवाहों की गवाही और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। अदालत ने पति नजीर, ससुर कमाल खान और सास सरीयत को रवीना की हत्या के मामले में दोषी माना।
कोर्ट ने तीनों दोषियों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले के बाद लंबे समय से चल रहे मामले में रवीना के परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
दहेज प्रताड़ना के मामलों पर फिर उठे सवाल
इस मामले ने एक बार फिर दहेज और विवाहिता को बच्चे नहीं होने के कारण प्रताड़ित किए जाने जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को सामने ला दिया है। शादी के बाद महिला पर दहेज के लिए दबाव बनाना और संतान न होने को लेकर प्रताड़ित करना न केवल सामाजिक अपराध है, बल्कि ऐसे मामलों में कानून के तहत भी गंभीर कार्रवाई का प्रावधान है।

