Barmer Nikay Chunav: 40 उम्मीदवारों की लिस्ट ने बढ़ाई कांग्रेस की मुश्किल, विरोध के बाद पार्टी ने मानी गलती
बाड़मेर निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस की 40 उम्मीदवारों वाली सूची जारी होते ही विवाद शुरू हो गया। विरोध के बाद कांग्रेस प्रभारी मोहनलाल डागर ने सूची में त्रुटि स्वीकार की और संशोधित सूची जारी करने की बात कही।
बाड़मेर में नगरीय निकाय चुनाव से पहले कांग्रेस की उम्मीदवार सूची को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी की ओर से 40 प्रत्याशियों के नामों वाली सूची जारी होते ही टिकट वितरण को लेकर विरोध शुरू हो गया। कुछ दावेदारों और पार्टी से जुड़े नेताओं ने सूची में शामिल नामों पर आपत्ति जताई, जिसके बाद कांग्रेस को सफाई देनी पड़ी। मामले ने तूल पकड़ा तो कांग्रेस प्रभारी मोहनलाल डागर ने स्वीकार किया कि जारी सूची में त्रुटि हुई है और जल्द ही संशोधित सूची जारी की जाएगी।
नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा था, लेकिन सूची जारी होने के तुरंत बाद विवाद खड़ा हो गया। पार्टी के भीतर से ही कई नामों को लेकर सवाल उठने लगे। टिकट की दौड़ में शामिल कुछ प्रत्याशियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई, जिससे कांग्रेस संगठन के सामने स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती खड़ी हो गई।
सूची जारी होते ही क्यों शुरू हुआ विरोध?
बताया जा रहा है कि 40 उम्मीदवारों की सूची में शामिल कुछ नामों को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और दावेदारों में असहमति सामने आई। जिन लोगों ने टिकट वितरण पर सवाल उठाए, उन्होंने पार्टी स्तर पर अपनी नाराजगी जताई। विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस नेतृत्व की ओर से सूची की समीक्षा किए जाने की बात सामने आई।
कांग्रेस प्रभारी मोहनलाल डागर ने स्पष्ट किया कि जारी की गई सूची में त्रुटि है। उन्होंने कहा कि जल्द ही संशोधित सूची जारी कर स्थिति साफ कर दी जाएगी। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सूची में कितने नामों में बदलाव होगा और किन उम्मीदवारों के नाम बदले जा सकते हैं।
ऐसे में अब बाड़मेर की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि संशोधित सूची में पुराने नाम बरकरार रहेंगे या टिकट वितरण में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा।
टिकट की दावेदारी ने बढ़ाई अंदरूनी हलचल
निकाय चुनाव में टिकट को लेकर पहले से ही कई नेताओं और कार्यकर्ताओं की दावेदारी सामने आ रही थी। ऐसे में उम्मीदवारों की सूची जारी होने के बाद असंतोष खुलकर सामने आना कांग्रेस के लिए चुनौती बन गया है।
स्थानीय स्तर पर टिकट वितरण हमेशा चुनावी समीकरणों, संगठन की पकड़ और उम्मीदवार की जीत की संभावना से जुड़ा होता है। ऐसे में सूची में त्रुटि स्वीकार किए जाने के बाद पार्टी को न सिर्फ संशोधित सूची जारी करनी होगी, बल्कि नाराज दावेदारों को भी संतुष्ट करने की चुनौती रहेगी।
चुनाव से पहले पार्टी के भीतर टिकट को लेकर बढ़ता विरोध विपक्ष को भी कांग्रेस पर हमला करने का मौका दे रहा है।
बीजेपी ने ली चुटकी, कांग्रेस पर साधा निशाना
कांग्रेस की उम्मीदवार सूची में गलती सामने आने के बाद भाजपा ने भी इस मुद्दे को राजनीतिक हथियार बना लिया है। भाजपा महामंत्री महावीर सिंह चूली ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी की राजनीतिक जमीन खिसक चुकी है। उन्होंने कांग्रेस के पिछले कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए और जनता की नाराजगी का दावा किया।
भाजपा की ओर से यह सवाल भी उठाया गया कि एक राष्ट्रीय पार्टी की अधिकृत उम्मीदवार सूची में आखिर इस तरह की त्रुटि कैसे हो सकती है। बीजेपी अब इस मामले को कांग्रेस की संगठनात्मक तैयारियों और चुनावी प्रबंधन से जोड़कर देख रही है।
कांग्रेस जहां इसे सूची में हुई तकनीकी या प्रक्रियागत त्रुटि बताते हुए जल्द सुधार करने की बात कह रही है, वहीं भाजपा इसे पार्टी की अंदरूनी स्थिति से जोड़कर लगातार हमला बोल रही है।
संशोधित सूची पर टिकी सभी की नजर
कांग्रेस प्रभारी के बयान के बाद फिलहाल 40 उम्मीदवारों वाली जारी सूची को लेकर स्थिति बदल गई है। अब पार्टी की ओर से संशोधित सूची जारी होने का इंतजार है। नई सूची सामने आने के बाद ही साफ होगा कि विवाद किन नामों को लेकर था और पार्टी ने उसमें क्या बदलाव किए हैं।
बाड़मेर निकाय चुनाव में उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चुकी है। एक तरफ कांग्रेस को अपनी सूची से जुड़े विवाद को संभालना है, तो दूसरी तरफ भाजपा इस मुद्दे के जरिए कांग्रेस को घेरने में जुट गई है।
अब संशोधित सूची यह तय करेगी कि कांग्रेस के भीतर उठी नाराजगी शांत होती है या टिकट वितरण का यह विवाद चुनावी माहौल में और ज्यादा तूल पकड़ता है। फिलहाल बाड़मेर की सियासत में 40 नामों की एक सूची ने कांग्रेस के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है और सभी की नजर पार्टी के अगले फैसले पर टिकी हुई है।

